कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का शीर्ष कमांडर रियाज नायकू मारा गया। कई वर्षों से सुरक्षाबलों को इस आतंकी की तलाश थी। कई बार उसे घेरा भी गया लेकिन वह बच निकला। वह पैतृक गांव बेगपोरा गया था, जहां सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया। बुधवार को सुरक्षा बलों ने उसे मार गिराया। नायकू को जिस जगह पर मारा गया, वहां स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी है। मुठभेड़ स्थल के आसपास के इलाके में पथराव किए जाने की सूचना है।
आतंकी नायकू के मारे जाने के बाद अवंतीपोरा सहित पूरे कश्मीर के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की कड़ी नजर है। इस एनकाउंटर के बाद पूरे कश्मीर में एहतियात के तौर पर मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है। बीएसएनएल के अलावा बाकी सभी फोन नेटवर्क भी बंद कर दिए गए हैं। गृह मंत्रालय कानून-व्यवस्था को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के संपर्क में है। घाटी की स्थिति के बारे में पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह का कहना है कि हालात नियंत्रण में है और चिंता की कोई बात नहीं है।
बता दे, नायकू पिछले आठ वर्षों से फरार था। वह हिजबुल मुजाहिदीन का ऑपरेशनल कमांडर था जिसके मंगलवार को अपनै पैतृक गांव बेगपोरा आने की खबर सुरक्षा बलों को मिल गई थी। मंगलवार शाम को ही जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के बेगपोरा को चारों तरफ से घेर लिया गया और तलाशी अभियान छेड़ दिया गया। राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), केंद्रीय पुलिस बल (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की ओर से संयुक्त अभियान चलाया गया। उन्होंने तत्काल ही गांव के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील कर दिया।
इससे पहले, नायकू दक्षिण कश्मीर के शोपियां में तीन बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था। इस वजह से सुरक्षा बलों ने इस बार पूरी एहतियात बरती और गांव में नायकू के मौजूद होने की सूचना मिलने के बाद उसे पकड़ने की योजना बनाई, लेकिन वह मारा गया।
बता दें, सुरक्षाबलों ने बुधवार को उस घर को ही उड़ा दिया, जिसमें रियाज नायकू छुपा हुआ था। बाद में इस बात की पुष्टि हो गई कि मुठभेड़ में मरने वाला रियाज नायकू ही था। सुरक्षा के हिसाब से अभी जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट को बंद किया गया है और वॉयस कॉलिंग को भी बंद कर दिया गया है, ताकि किसी तरह की अफवाह न फैल पाए। इस ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों ने एक साथ अंजाम दिया। मंगलवार को सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि रियाज नायकू अवंतीपोरा के बेगपोरा आया है। बेगपोरा ही उसका गांव है। यहां वह अपने परिवार से मिलने आया था। वह अपने ही गांव में छिपा हुआ था। रियाज नायकू अपनी मां की तबीयत जानने आया था। सुरक्षाबलों को इस बात की जानकारी मिलते ही पूरे गांव को पूरी तरह से घेर लिया गया। जिस घर में रियाज नायकू छिपा हुआ था, वहां पर दो-तीन अन्य आतंकी भी थे। उन्हें भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। फिलहाल कार्रवाई में शामिल जॉइंट ट्रूप्स को दो आतंकियों के शव बरामद हुए हैं, जिनमें एक रियाज नायकू का है। पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है।














