Ending the Year on a Great Note: Indian Railways🚆 successfully completed 180 kmph speed trial of new design Vistadome tourist coach
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) कोच में प्रवेश के समय दोनों ओर आटोमेटिक स्लाइडिंग वाले दरवाजे, दिव्यांगजन के लिए व्हील चेयर के साथ बड़ा गेट, जीपीएस वाले पब्लिक एड्रेस व पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम, स्टेनलेस स्टील से सामान को रखने वाला रैक, यात्रियों को नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए मिनी पैंट्री कार, हॉटकेस, माइक्रोवेव ओवन, कॉफी की मशीन, फ्रीज मिनी पैंट्री का हिस्सा होंगे। अलार्म वाला ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम भी होंगे।
These coaches will make train journeys memorable for the passengers 🛤️ & give further boost to tourism 🚞 pic.twitter.com/3JxeVbQClg
आपको बता दे, दो कोच बनकर तैयार हो गए हैं। जिनका ऑस्कीलेशन ट्रायल आरडीएसओ ने किया है। एलएचबी क्लास इन कोच के ट्रायल के सफल होने पर मंगलवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी इसकी पहली फोटो साझा की। मार्च में 8 और कोच तैयार होंगे। जिसमें दो कोच उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को देने की तैयारी है। जिससे अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी के दर्शनीय स्थलों को पर्यटकों को दिखाया जा सके। रेल कोच फैक्ट्री चेन्नई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2021 तक कुल 10 विस्टाडोम कोच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें दो कोच सेंट्रल रेलवे को भेजे गए थे। जहां उनका 180 किमी प्रति घंटे की गति के लिए ऑस्कीलेशन ट्रायल किया गया है। शेष आठ कोच बनते ही उत्तर रेलवे को दो कोच भेजे जाएंगे। माना जा रहा है कि इसमें उत्तराखंड में देहरादून से हरिद्वार तक और लखनऊ से फैजाबाद, वाराणसी व प्रयागराज रूट के लिए अधिक डिमांड पर्यटकों की आएगी।













