Celebrations around the world marked the historic touchdown of @NASAPersevere at her new home: Mars.
छह पहिए वाला यह रोवर 7 महीने पहले धरती से टेकऑफ किया था। गुरुवार-शुक्रवार की रात भारतीय समयानुसार रात करीब 2:25 मिनट पर Perseverance रोवर ने मंगल की सतह को स्पर्श किया। जेजेरो क्रेटर मंगल ग्रह का अत्यंत दुर्गम इलाका है। यहां पर गहरी घाटियां, और तीखे पहाड़ हैं। इसके साथ ही यहां पर रेत के टीले और बड़े बड़े पत्थर इसको और भी खतरनाक बना देते हैं। ऐसे में पर्सिवरेंस मार्स रोवर की लैंडिंग की सफलता पर पूरी दुनिया की नजर थी। रोवर के मंगल ग्रह पर उरने के साथ ही अमेरिका मंगल ग्रह पर सबसे ज्यादा रोवर भेजने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
Relive the #CountdownToMars in our @Twitter Moment:https://t.co/q0mjRA8AHu<
NASA ने अपने ट्विटर हैंडल पर मंगल ग्रह पर पहुंचे रोवर की तस्वीर जारी की। इसके साथ उसने बेहद सुंदर-सा कैप्शन भी दिया, जिसमें Perseverance की ओर से लिखा गया है- 'हेलो दुनिया, मेरे अपने घर से मेरा पहला लुक।'
वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कभी मंगल ग्रह पर जीवन रहा भी था तो वह तीन से चार अरब साल पहले रहा होगा, जब ग्रह पर पानी बहता था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोवर से दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े एक मुख्य सवाल का जवाब मिल सकता है। इस परियोजना के वैज्ञानिक केन विलिफोर्ड ने कहा, 'क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड रूपी रेगिस्तान में अकेले हैं या कहीं और भी जीवन है? क्या जीवन कभी भी, कहीं भी अनुकूल परिस्थितियों की देन होता है?'
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने रोवर के दूसरी साइड से भी एक तस्वीर साझा की है। मंगल के जेजेरो क्रेटर पर उतरे इस रोवर की मदद से मंगल ग्रह के तमाम रहस्यों से पर्दा उठाने की उम्मीद की जा रही है। इस मिशन में नासा का Perseverance रोवर लाल ग्रह पर प्राचीन जीवन के संकेत तलाशने की कोशिश करेगा।













