लाल कृष्ण आडवाणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'राहुल जी - अडवाणी जी हमारे पिता तुल्य हैं। आपके बयान ने हमें बहुत आहत किया है। कृपया भाषा की मर्यादा रखने की कोशिश करें। '
राहुल जी - अडवाणी जी हमारे पिता तुल्य हैं. आपके बयान ने हमें बहुत आहत किया है. कृपया भाषा की मर्यादा रखने की कोशिश करें. #Advaniji
Rahulji - Advani ji is ouकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को चन्द्रपुर की रैली में कहा, 'हिंदू धर्म में सबसे जरूरी होता है गुरु। गुरु-शिष्य का रिश्ता होता है न। मोदीजी के गुरु कौन हैं...आडवाणीजी। शिष्य गुरु के सामने हाथ भी नहीं जोड़ता। स्टेज से उठाकर फेंक दिया नीचे गुरु को। जूता मारके आडवाणीजी को उतारा स्टेज से और हिंदू धर्म की बात करते हैं। हिंदू धर्म में कहां लिखा है कि लोगों को मारना चाहिए।' उन्होंने कहा, '2019 का चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई है। कांग्रेस की विचारधारा भाईचारा, प्रेम मोदी के नफरत, क्रोध और विभाजनकारी विचारधारा पर जीत हासिल करेगी।’
राहुल गांधी ने शुक्रवार को वर्धा में भी चुनावी जनसभा की। यहां उन्होंने कहा, 'आपने सुना, मैं प्यार से बोलता हूं, नफरत मेरे भाषण में नहीं सुनाई पड़ेगी। हिंदू धर्म में सबसे बड़ी चीज क्या होती है?...गुरु-शिष्य का रिश्ता। आप बताइए, इससे बड़ी कोई चीज है। आडवाणीजी की आज क्या हालत है? आडवाणीजी नरेंद्र मोदी के गुरु हैं। स्टेज से उठाकर फेंक दिया। नमस्ते तक नहीं करते हैं, मैंने देखा है अपनी आंखों से। ये फिर धर्म की बात करते हैं।'














