
काेराेनाकाल में ऑनलाइन शापिंग बढ़ी है, ताे इसका गलत फायदा उठाने के लिए ठग भी सक्रिय हाे गए हैं। ब्रांडेड कंपनियाें के ऑनलाइन मंगवाए जाने वाले सामान काे नकली से बदलने के एक ऐसे ही मामले काे गंभीर अपराध ठहराते हुए अदालत ने धाेखाधड़ी व ठगी करने वाले तीन आराेपियाें की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अजमेर जिला एवं सेशन जज अनूप कुमार सक्सेना ने अभियुक्त सरवाड़ निवासी शैतान सिंह सहित हरियाणा के सिरसा तथा फतेहाबाद निवासी अनूप कुमार व विकास की ओर से पेश जमानत अर्जियां खारिज कर दी है। न्यायाधीश सक्सेना ने आदेश में कहा कि वर्तमान समय में जबकि आम जनता ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ रही है।
ऐसे समय में अभियुक्ताें ने असली सामान से नकली सामान को बदला है, जो सामान बदला गया है, वह प्रसिद्ध कम्पनियों से संबंधित है, जिनके संबंध में अभी अनुसंधान शेष है। अभियुक्ताें का अपराध गंभीर प्रकृति का है। लाेक अभियाेजक विवेक पाराशर ने अदालत काे बताया कि अभियुक्ताें ने सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन बिक्री के प्राप्त पैकेटों में से असल माल निकालकर उनमें डुप्लीकेट माल रख दिया। अभियुक्त शैतान से असली व नकली सामान भी बरामद हुआ है। 24 दिसंबर 2020 का एक डिलीवरी कंपनी की ओर से रामगंज थाना में रिपाेर्ट दर्ज करवाई गई थी।














