पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार (6 अगस्त) रात 67 साल की उम्र में निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं। हार्ट अटैक के बाद सुषमा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सुषमा स्वराज को मंगलवार शाम को एम्स में भर्ती कराया गया था। एम्स में 5 डॉक्टरों की टीम उनके इलाज के लिए लगाई गई थी।
करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत थीं सुषमा स्वराज : नरेंद्र मोदी
उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनके जाने से भारतीय राजनीति के एक अध्याय का अंत हो गया है। सुषमा स्वराज जी अपनी तरह की अलग महिला थीं, जो करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत थीं।
<A glorious chapter in Indian politics comes to an end. India grieves the demise of a remarkable leader who devoted her life to public service and bettering lives of the poor. Sushma Swaraj Ji was one of her kind, who was a source of inspiration for crores of people.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2019
सुषमा स्वराज के निधन के समाचार से स्तब्ध हूं : शिवराज सिंह चौहान
पीएम मोदी के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी शोक प्रकट किया है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि पूर्व विदेश मंत्री बहन सुषमा स्वराज के निधन के समाचार से स्तब्ध हूं। ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हू। आप अपने जनसहयोग व राष्ट्र उत्थान के कार्यों के माध्यम से देश व दुनिया के लोगों के दिलों में सदैव जिंदा रहेंगी। विनम्र श्रद्धांजलि!
पूर्व विदेश मंत्री,बहन @SushmaSwaraj के निधन के समाचार से स्तब्ध हूँ।
ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करतामैंने बड़ी बहन को खो दिया : नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सुषमा स्वराज के निधन से उन्हें गहरा आघात लगा है। गहरा दुख जताते हुए गडकरी ने लिखा कि सुषमा जी ने हमेशा मुझे बड़ी बहन का स्नेह दिया और संगठनात्मक सलाह देकर राजनीतिक अभिभावक का फर्ज निभाया। भारतीय राजनीति में मज़बूत विपक्षी और पूर्व विदेश मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका को सदैव स्मरण किया जाएगा।श्रीमती सुषमा स्वराज जी के दुखद निधन से मुझे गहरा आघात लगा है। उन्होंने हमेशा मुझे बड़ी बहन का स्नेह दिया और संगठनात्मक सलाह देकर राजनीतिक अभिभावक का फ़र्ज़ निभाय














