अक्सर देखा जाता हैं कि कई बार लोग सिर्फ मामूली विवाद के चलते गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में कर दिया। कोटा जिले की भंवरगढ़ पुलिस ने बुजुर्ग की हत्या के मामले में आरोपी को हथियादह के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की ओर से आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है। एसपी डॉ. रवि ने बताया कि 12 अक्टूबर को थाना भंवरगढ़ पर हरिलाल पुत्र गौरिया निवासी करवरी खुर्द ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
जिसमें बताया था कि उसके पिता गौरिया खेत पर रखवाली के लिए गए थे। इस दौरान फरियादी को सूचना मिली कि उसके पिता की लाश हथियादह व करवरीखुर्द के बीच रास्ते में पड़ी हुई है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा तो उसके पिता का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया था कि रामसिंह खैरवा रस्ते में जाता नजर आया था।
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जिसके कपडों में खून लगा हुआ था। ऐसे में फरियादी ने उस पर संदेह जताते हुए उसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी शाहाबाद ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश शुरु की गई। आरोपी घटना के बाद जगंलो में भाग गया था।
इसकी तलाश पुलिस टीम ने हथियादह के जगंलों में प्रारंभ की गई। काफी प्रयासों के बाद आरोपी को हथियादह के जंगलो से पकड लिया। इस दौरान उससे पूछताछ की गई तो आरोपी हत्या करने से मना करता रहा। लेकिन वैज्ञानिक तरीको से अनुसंधान करने पर आरोपी टूट गया और उसने हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
खेत में भेड़ चराने की बात को लेकर कर दी हत्या
आरोपी रामसिंह का हथियादह के रास्ते में खेत है। जिसमें उसने तिल्ली की फसल बोई हुई थी। मृतक गौरिया की भेड़े आरोपी रामसिंह के खेत में घुसकर चर रही थी। इस पर रामसिंह ने गाैरिया को अपनी भेड़ें बाहर निकालने के लिए कहा इस बात पर आपस में कहासुनी हो गई और आरोपी रामसिंह ने पत्थर से वारकर गौरिया की हत्या कर दी ओर डरकर हथिया दह के जंगलो में जा छुपा।
कार्रवाई के दौरान टीम में यह रहे शामिल
आराेपी को पकड़ने के दौरान टीम में एएसआई रामप्रसाद, हैड़ कांस्टेबल गोपाल लाल, कांस्टेबल हरिओम, लाखन सिंह, वीरेंद्र सिंह, हैड कांस्टेबल नंदपाल आदि शामिल रहे।