न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

किसकी सुनें दिल या दिमाग की, यहां मिलेगा आपको इसका जवाब

आईये जानते हैं जब समझ नहीं आये की दिल की सुननी है या दिमाग की तब क्या करें।

Posts by : Priyanka | Updated on: Wed, 08 Jan 2020 4:22:56

किसकी सुनें दिल या दिमाग की, यहां मिलेगा आपको इसका जवाब

लोग अक्सर यह कहते सुने जाते हैं कि उनका दिल उन्हें एक ओर ले जाता है और दिमाग दूसरी ओर जाने को कहता है। हम खुद इन दोनों के बीच मे फंस कर जाते हैं। एक बार हम सोचते हैं कि दिमाग सही कह रहा है तो दूसरी बात हम अपनी भावनाओं से खिलवाड नहीं कर सकते और सोचते हैं कि दिल सही कह रहा है। हमे उसकी बात मान लेनी चाहिए। वैसे देखा जाए तो दिल और दिमाग का अपना अपना महत्व होता है। दोनों का होना जरूरी होता है। और यह दोनों एक दूसरे के पूरक भी हैं। फिर भी यह कभी कभी झगड़ने लगते हैं। आईये जानते हैं जब समझ नहीं आये की दिल की सुननी है या दिमाग की तब क्या करें।

when to listen to your heart or to mind,relationship tips,heart,mind,dilemma situation,mates and me

रिश्तों को दिल से सोचें, दिमाग से नहीं

ऐसा होता है कि कई बार रिलेशनशिप को स्ट्रांग बनाने के लिए आप जो निर्णय ले रहे हैं, वह दिमागी तौर पर सही नहीं है, लेकिन अगर दिल से सोचने पर लगे कि आप सही कर रहे हैं तो दिल की ही सुननी चाहिए। कई बार रिश्तों को निभाने के लिए कुछ नादानियां करना भी जरूरी होता है। अगर आप दिल पर दिमाग को हावी होने देंगे तो हर बात प्रैक्टिकल होकर सोचेंगे। इससे आप कभी भी सामने वाले की भावना को मान नहीं दे पाएंगे।

रिश्तों में फायदे


नुकसान के बारे में न सोचें-लाभ-हानि का रिश्ता व्यापार में अच्छा लगता है। उन्हें अपने काम तक ही सीमित रखें। अपने खास लोगों के साथ कभी यह बात न सोचें कि उनके साथ रहने से या उन्हें वक्त देने से आपका क्या नुकसान या फायदा होगा। खास रिश्ता तभी बनता है और टिकता है, जब आप फायदे और नुकसान को देखे बगैर, जरूरत पड़ने पर उनके सुख-दुख के समय उनके साथ मजबूती से खड़े रहें। अगर आप उनकी कोई मदद कर रहे हैं या वह आपसे मदद मांग रहे हैं तो फिर से फायदे-नुकसान के बारे में न सोचें।

when to listen to your heart or to mind,relationship tips,heart,mind,dilemma situation,mates and me

सच और झूठ को समझें

वर्तमान समय में रिश्ते निभाने की बात पर ये पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं। सच ही तो है कि इन दिनों रिश्ते लाइक और कमेंट में उलझ कर रह गए हैं। लोग मोबाइल स्क्रीन के माध्यम से ही एक-दूसरे के टच में रहते हैं। वास्तविक दुनिया में टच में रहना या रखना अब गैर जरूरी सा होता जा रहा है। ऐसे में जिंदगी के सारे अहम रिश्ते दम तोड़ रहे हैं और हम वर्चुअल दुनिया में रह कर ही खुशियां मना रहे हैं और उन्हीं रिश्तों को अपनी जागीर मान रहे हैं, जबकि हकीकत यही है कि वह झूठी और बनावटी दुनिया है।

दिल और दिमाग अलग नहीं हैं


आप पूरे एक हैं।-पहले तो हमें यह समझना होगा कि दिल और दिमाग कहते किसे हैं। आप अक्सर अपनी सोच का संबंध दिमाग से और भावों का संबंध दिल से जोड़ते हैं। अगर आप पूरी सजगता और गंभीरता से इस पर गौर करें तो पाएँगे कि आप जैसा सोचते हैं, वैसा ही महसूस करते हैं।

दिल या भावनाएं का महत्व

आप यह सोच सकते हैं कि भगवान ने इंसान को दिमाग दिया है तो भावनाएं या पॉजिटिव नगेटिव प्रभाव क्योंदिय हैं? इसके पीछे का अर्थ क्या है ? इसके लिए हम आपको बतादें कि बिना भावनाएं इंसान जिंदा नहीं रह सकता । इंसान ही नहीं जानवरों के अंदर भी फीलिंग होती है। एक रोबॉट को लें उसे जो निर्देश दिया जाता है वह वैसे ही काम करता है। यदि रोबोट के पास खुद की सोचने समझने की पॉवर हो तो वह किसी चीज से डरेगा नहीं । उसके अंदर फीलिंग नहीं होगी ।


राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत