कल तक जिस रानू मंडल का नाम गुमनामी में था आज वही नाम हर तरफ छाया हुआ है। पूरी जिंदगी गरीबी में गुजारने के बाद लता मंगेशकर के सिर्फ एक गाने 'एक प्यार का नगमा है' ने रानू की जिंदगी को रोशनी से भर दिया। रानू के गाने का लोगों पर ऐसा जादू चला कि वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड में है और वो लोगों के बीच रातोरात स्टार बन गईं। रानू के सितारे जैसे ही बदले हैं, उनके परिवार वालों का पता भी धीरे-धीरे चलने लगा है। रंग बदलती जिंदगी इसी को कहते हैं। रानू मशहूर क्या हुईं अब लोग उनके साथ आने लगे हैं। रिश्तेदार याद कर रहे हैं। रानू से 10 साल बाद उनकी बेटी ने भी मुलाकात की है। उनकी बेटी का नाम साती रॉय है। 10 साल बाद बेटी को अपनी मां की याद आई है। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा हुआ है। ज्यादातर यूजर्स ने एक सुर में रानू मंडल की बेटी को लताड़ा है। असल में खबरें आई थीं कि रानू मंडल की बेटी उन्हें कई साल पहले छोड़कर चली गई थीं। जब रानू मंडल की बेटी ने उनका साथ छोड़ा था तब उनकी उम्र करीब 50 साल थी और कमाई का कोई जरिया भी नहीं था। ना ही उनके पास कोई ऐसी संपत्ति थी जिसके सहारे उनकी जीविका चल पाती।
After Ranu Mandal, a begger living on railway platform became famous for her singing talent , her family who deserted her long back, started swarming around. This her infamous daughter. Shame. pic.twitter.com/1RtU6nbJ8x
— Tarun Roy (@tarunroy1964) August 26, 2019














