न्यूज़
Toxic Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

कमलनाथ का सियासी सफर, 34 साल की उम्र में जीता पहला चुनाव, गिनती होती है देश के सबसे रईस नेताओं में

मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से कमलनाथ के नाम पर मुहर लग चुकी है और सिर्फ औपचारिक ऐलान होना बाकी है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Thu, 13 Dec 2018 8:25:10

कमलनाथ का सियासी सफर, 34 साल की उम्र में जीता पहला चुनाव, गिनती होती है देश के सबसे रईस नेताओं में

मध्य प्रदेश में 11 दिसंबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद से कांग्रेस में सीएम पद को लेकर माथापच्ची चल रही थी। मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से कमलनाथ के नाम पर मुहर लग चुकी है और सिर्फ औपचारिक ऐलान होना बाकी है। कमलनाथ की गिनती देश के दिग्गज राजनेताओं में होती है। मध्य प्रदेश ने देश को जितने भी नामी राजनेता दिए हैं उनमें से एक कमलनाथ भी हैं। 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में जन्मे कमलनाथ की स्कूली पढ़ाई मशहूर दून स्कूल से हुई। दून स्कूल में उनकी जान पहचान कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे संजय गांधी से हुई। दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ ने कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से बी।कॉम में स्नातक किया। 27 जनवरी 1973 को कमलनाथ अलका नाथ के साथ शादी के बंधन में बंधे। कमलनाथ के दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा नकुलनाथ राजनीति में सक्रिय है।

सबसे रईस नेताओं में की जाती है गिनती


कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं में से एक कमलनाथ की गिनती देश के सबसे रईस नेताओं में की जाती है। 2014 में हुए चुनाव के दौरान कमलनाथ के द्वारा दिए गए हलफनामे में उनकी संपत्ति का ब्यौरा काफी चौंकाने वाला था। कमलनाथ और उनके परिवार से जुड़ी 23 कंपनियां हैं। छिंदवाड़ा में कमलनाथ की अलीशान कोठी 10 एकड़ में फैली हुई है। उनका सारा कारोबार उनके दोनों बेटे बकुलनाथ और नकुलनाथ संभालते हैं। चुनावी हलफनामे में कमलनाथ ने जिक्र किया था कि कमलनाथ ने अपनी बीवी को 4.6 करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है। कमलनाथ की पत्नी अलका के नाम 10.4 करोड़ की प्रॉपर्टी है।

congress,madhya pradesh,kamalnath

34 साल की उम्र में जीता पहला चुनाव

कमलनाथ 9 बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं। वह साल 1980 में 34 साल की उम्र में छिंदवाड़ा से पहली बार चुनाव जीते जो अब तक जारी है। कमलनाथ 1985, 1989, 1991 में लगातार चुनाव जीते। 1991 से 1995 तक उन्होंने नरसिम्हा राव सरकार में पर्यावरण मंत्रालय संभाला। वहीं 1995 से 1996 तक वे कपड़ा मंत्री रहे।

1998 और 1999 के चुनाव में भी कमलनाथ को जीत मिली। लगातार जीत हासिल करने से कमलनाथ का कांग्रेस में कद बढ़ता गया और 2001 में उन्हें महासचिव बनाया गया। वह 2004 तक पार्टी के महासचिव रहे। छिंदवाड़ा में तो जीत का दूसरा नाम कमलनाथ हो गए और 2004 में उन्होंने एक बार फिर जीत हासिल की। यह लगातार उनकी 7वीं जीत थी। गांधी परिवार का सबसे करीबी होने का इनाम भी उनको मिलता रहा और इस बार मनमोहन सिंह की सरकार में वे फिर मंत्री बने और इस बार उन्हें वाणिज्य मंत्रालय मिला।

उन्होंने यूपीए-1 की सरकार में पूरे 5 साल तक यह अहम मंत्रालय संभाला। इसके बाद 2009 में चुनाव हुआ और एक बार फिर कांग्रेस का यह दिग्गज नेता लोकसभा के लिए चुना गया। छिंदवाड़ा में कांग्रेस का यह 'कमल' लगातार खिलता गया और इस बार की मनमोहन सिंह की सरकार में इनको सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मिला। साल 2012 में कमलनाथ संसदीय कार्यमंत्री बने।

मध्य प्रदेश में मिली थी अहम जिम्मेदारी

कमलनाथ की गिनती कांग्रेस के उन नेताओं में होती है जो संकट के समय में भी पार्टी के साथ हमेशा रहे। चाहे वो राजीव गांधी का निधन हो, 1996 से लेकर 2004 तक जिस संकट से कांग्रेस गुजर रही थी, इस दौरान भी वह पार्टी के साथ रहे वो भी तब जब शरद पवार जैसे दिग्गज नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया था। 26 अप्रैल 2018 को वह मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्हें अरुण यादव की जगह अध्यक्ष बनाया गया।

congress,madhya pradesh,kamalnath

राजनीति में कैसे आए कमलनाथ

कानपुर में जन्मे, देहरादून और पश्चिम बंगाल में पढ़ाई की लेकिन ऐसा क्या हुआ कि कमलनाथ को राजनीति मध्य प्रदेश से करनी पड़ी। दरअसल देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से आने वाले संजय गांधी की दोस्ती दून स्कूल में पश्चिम बंगाल से आने वाले कमलनाथ से हुई। दून स्कूल से शुरू हुई ये दोस्ती धीरे-धीरे पारिवारिक होती गई। दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज पहुंचे। हालांकि शहर तो बदल गया लेकिन दोनों की दोस्ती ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाई।

कमलनाथ पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के दौर से ही गांधी परिवार के करीबी रहे हैं। कमलनाथ अपना बिजनेस बढ़ाना चाहते थे। ऐसे में एक बार फिर दून स्कूल के ये दोनों दोस्त फिर करीब आ गए। कहा जाता है इमरजेंसी के दौर में कमलनाथ की कंपनी जब संकट में चल रही थी तो उसको इससे निकालने में संजय गांधी का अहम रोल रहा।

संजय गांधी की छवि एक तेज तर्रार नेता के तौर पर होती थी। कमलनाथ इंदिरा गांधी के इस छोटे बेटे के साथ हर वक्त रहते थे। बड़े बेटे राजीव गांधी को राजनीति में आने की इच्छा नहीं थी। ऐसे में संजय गांधी को जरूरत थी एक साथ की और वे थे कमलनाथ। 1975 में इमरजेंसी के बाद से कांग्रेस खराब दौर से गुजर रही थी। इस दौर में संजय गांधी की असमय मौत हो गई थी, इंदिरा गांधी की भी उम्र अब साथ नहीं दे रही थी। कांग्रेस लगातार कमजोर होती गई। कमलनाथ गांधी परिवार के करीब आ ही चुके थे, वे लगातार मेहनत भी कर रहे थे।वह लगातार पार्टी के साथ खड़े हुए थे। इसका इनाम उन्हें इंदिरा गांधी ने दिया जब उन्हें छिंदवाड़ा सीट से टिकट दिया और राजनीति में उतार दिया।

बस फिर क्या इसके बाद छिंदवाड़ा कमलनाथ का हो गया और कमलनाथ छिंदवाड़ा के। वे तब से लगातार इस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। सिर्फ एक बार उनको इस सीट पर हार मिली है। यह इलाका कमलनाथ का गढ़ बन चुका है। वह इस सीट पर तब भी जीते जब 2014 में कांग्रेस ने अब तक का अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया। छिंदवाड़ा के वोटर्स ने कमलनाथ को सिर्फ एक बार निराश किया है जब 1997 में उन्हें पूर्व सीएम सुंदर लाल पटवा के हाथों हार मिली थी। 1996 में कमलनाथ की जगह उनकी पत्नी चुनाव लड़ी थीं और जीत मिली थी।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

सत्येंद्र जैन को कोर्ट से बड़ी राहत, दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में मिली जमानत
सत्येंद्र जैन को कोर्ट से बड़ी राहत, दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में मिली जमानत
मंदिर जाने से पहले जमा करना होगा मोबाइल, तमिलनाडु के 52 मंदिरों में नया नियम लागू
मंदिर जाने से पहले जमा करना होगा मोबाइल, तमिलनाडु के 52 मंदिरों में नया नियम लागू
रिटायर्ड एयर मार्शल को राम मंदिर का CEO क्यों बनाया गया? कांग्रेस नेताओं ने उठाए कई सवाल
रिटायर्ड एयर मार्शल को राम मंदिर का CEO क्यों बनाया गया? कांग्रेस नेताओं ने उठाए कई सवाल
वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, अब राज्यसभा सीट पर भी उठे सवाल
वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, अब राज्यसभा सीट पर भी उठे सवाल
हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर 24 दिन बाद भी FIR क्यों नहीं? खरगे ने जेपी नड्डा को लिखी चिट्ठी
हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर 24 दिन बाद भी FIR क्यों नहीं? खरगे ने जेपी नड्डा को लिखी चिट्ठी
जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से रहें दूर? जानिए फलाहार से लेकर पारण तक के नियम
जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से रहें दूर? जानिए फलाहार से लेकर पारण तक के नियम
CBFC ने पास किया ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर, गोवा में होगा भव्य लॉन्च; सामने आई रिलीज डेट
CBFC ने पास किया ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर, गोवा में होगा भव्य लॉन्च; सामने आई रिलीज डेट
क्या CJP भी राजनीति में उतरेगी? सौरभ दास ने केजरीवाल का नाम लेकर क्यों कही ये बात
क्या CJP भी राजनीति में उतरेगी? सौरभ दास ने केजरीवाल का नाम लेकर क्यों कही ये बात
बुधवार को बॉक्स ऑफिस पर बदला खेल, ‘हनुमान अंश’ ने मारी बाजी; ‘टॉक्सिक’ की कमाई में बड़ी गिरावट
बुधवार को बॉक्स ऑफिस पर बदला खेल, ‘हनुमान अंश’ ने मारी बाजी; ‘टॉक्सिक’ की कमाई में बड़ी गिरावट
Mivi One 5G की लॉन्च डेट तय, 24 सितंबर को आएगा कंपनी का पहला 5G स्मार्टफोन
Mivi One 5G की लॉन्च डेट तय, 24 सितंबर को आएगा कंपनी का पहला 5G स्मार्टफोन
रिया अहिर की बिग बॉस 20 में एंट्री, फेम के लिए प्रोटेस्ट करने के आरोपों पर दिया करारा जवाब
रिया अहिर की बिग बॉस 20 में एंट्री, फेम के लिए प्रोटेस्ट करने के आरोपों पर दिया करारा जवाब
काली किशमिश भिगोकर खाएं या सीधे? जानें सेहत के लिए कौन सा तरीका है बेहतर
काली किशमिश भिगोकर खाएं या सीधे? जानें सेहत के लिए कौन सा तरीका है बेहतर
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की बॉक्स ऑफिस पर बड़ी छलांग की तैयारी, पहले दिन 25 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की बॉक्स ऑफिस पर बड़ी छलांग की तैयारी, पहले दिन 25 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
शुक्र पहले होंगे वक्री, फिर कन्या में करेंगे प्रवेश, इन 7 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन
शुक्र पहले होंगे वक्री, फिर कन्या में करेंगे प्रवेश, इन 7 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन