
घर एक ऐसा स्थान हैं जहाँ हम दिन भर काम करके पहुँचते हैं तो एक सुकून महसूस होता हैं। हम चाहते हैं कि हमारे घर में सबकुछ ठीक और सुख-शांति परिपूर्ण हो। लेकिन अक्सर घर में सब कुछ ठीक होने के बावजूद कुछ ठीक नहीं होता। हमारे घर को नकारात्मकता चारों ओर से घेरे रहती हैं और ऐसा होता हैं वास्तुदोष को वजह से जो कि हमारे घर में ही किन्ही वजहों से उपस्थित होता हैं। इसलिए घर की सुख शांति बनाये रखने और सकारात्मकता लाने के लिए आज हम आपको बताने जा रहे कुछ वास्तु टिप्स के बारे में। तो आइये जानते हैं इन टिप्स के बारे में।

* घर के बाहर रोशनी का इंतजाम जरूर करें। भले ही बल्ब या ट्यूबलाइट लगाएं, पर अंधेरा होते ही उसे जला कर रखें।
* अक्सर हम सभी घर के बाहर नेमप्लेट लगाते हैं और उसे लगा कर भूल जाते हैं। ऐसी गलती न करें। वास्तु के अनुसार नेमप्लेट जितनी साफ और चमकदार होगी नकारात्मक ऊर्जा आपके घर से उतनी ही दूर रहेगी।
* दरवाजा होता है सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बिंदु इसलिए दरवाजा खोलते/बंद करते समय नहीं आनी चाहिए आवाज। यह अशुभ माना जाता है।
* अगर घर का दरवाजा अंदर को झुका हो तो घर में परेशानी बनी होती है जबकि बाहर की ओर झुका होने पर घर का मालिक अक्सर बाहर ही रहता है। इसलिए दरवाजे को हमेशा रखें संतुलित।
* याद हो तो पुराने जमाने में घर के मुख्य द्वार को झालरों से सजाया जाता था। यह घर की खूबसूरती के साथ ही वास्तु के हिसाब से भी अच्छा है। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती।
* मुख्य द्वार पर क्रिस्टल बॉल लटकाएं। इसके अलावा आप मेन डोर पर लाल रंग का फीता बांधने से भी घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती।
* अगर आपके घर के बाहर भी शू रैग, साइकिल, स्कूटर, कार वगैरह रखे या पार्क होते हैं, तो कोशिश करें कि ये मेन डोर से हट कर हों।
* घर के मुख्य दरवाजे को खोलते समय रगड़ नहीं खाना चाहिए। दरवाजे के रगड़ खाने से आर्थिक दिक्कतें आती हैं और पैसा कमाने के लिए भी हद से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
* अगर आपके घर का दरवाजा अपने आप खुलता है तो आपको मानसिक परेशानी और मतिभ्रम पैदा होता है और अपने आप बंद होता है तो कुल का नाश हो सकता है।
* घर का मुख्य द्वार खोलते ही सीढ़ी नहीं होनी चाहिए, अगर ऐसा है, तो फिर उन पर पर्दा डाल कर नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है।














