भारतीय मूल के अमेरिकी नेता सुहास सुब्रमण्यम ने अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में एक बार फिर जीत हासिल की है। उन्होंने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) का चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी। डेमोक्रेटिक पार्टी के सुब्रमण्यम ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को बड़े अंतर से हराया। चुनावी नतीजों के मुताबिक, सुहास को 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि बेकविथ के खाते में 36.4 प्रतिशत वोट आए। यह जीत सुब्रमण्यम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह अब अमेरिकी संसद में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करेंगे। इससे पहले वह 2024 में पहली बार वर्जीनिया के इसी क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे। इस बार भी उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार को पीछे छोड़ते हुए अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी।
कौन हैं सुहास सुब्रमण्यम?
सुहास सुब्रमण्यम भारतीय मूल के अमेरिकी राजनेता और डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। उनका जन्म ह्यूस्टन में हुआ था। सुहास ने न्यू ऑरलियन्स की टुलेन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने सामाजिक कार्यों में रुचि दिखाई और समुदाय की मदद से जुड़े अभियानों में हिस्सा लिया। टुलेन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने हरिकेन कैटरीना से प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्निर्माण के काम में स्वयंसेवकों को संगठित करने में मदद की। इस अनुभव ने उनके सार्वजनिक जीवन और सामुदायिक सेवा के काम को दिशा दी। बाद में उन्होंने अमेरिकी राजनीति और नीति निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
कैपिटल हिल पर नीति सलाहकार के तौर पर किया काम
राजनीति में सक्रिय होने से पहले सुहास ने अमेरिकी संसद के कैपिटल हिल में नीति सलाहकार के रूप में काम किया। इस दौरान उनका ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आम अमेरिकियों की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने पर रहा। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर काम किया और लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में प्रयास किए। इसके अलावा, उन्होंने आव्रजन सुधार के समर्थन में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच सहमति बनाने की कोशिश की। पूर्व सैनिकों, बुजुर्गों और कामकाजी परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उनसे जुड़ी योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता जुटाने वाले विधायी प्रयासों में भी उनकी भूमिका रही।
ओबामा प्रशासन में रहे व्हाइट हाउस के टेक्नोलॉजी सलाहकार
सुहास सुब्रमण्यम ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रिट्जकर स्कूल ऑफ लॉ से ऑनर्स के साथ कानून की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में व्हाइट हाउस के टेक्नोलॉजी नीति सलाहकार के रूप में काम करने का मौका मिला। व्हाइट हाउस में उनकी जिम्मेदारी उभरती तकनीकों और उनसे जुड़ी नीतियों पर काम करने की थी। इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने, सरकारी सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने और नई तकनीकों के नियमन जैसे विषयों पर काम किया। ओबामा प्रशासन में यह भूमिका उनके राजनीतिक और नीतिगत करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रही।
अपना कारोबार शुरू किया, स्वयंसेवक और फायरफाइटर भी रहे
व्हाइट हाउस में काम करने के बाद सुहास ने वर्जीनिया के लाउडन काउंटी में अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया। निजी क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ उन्होंने स्थानीय समुदाय से जुड़ी गतिविधियों में भी योगदान दिया। वह स्वयंसेवक फायरफाइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा सेवा से जुड़े स्वयंसेवी कार्यों में भी भाग लिया। उनका राजनीतिक सफर केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने स्थानीय और राज्य स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। सार्वजनिक सेवा, सामुदायिक काम और नीति निर्माण का अनुभव उनके राजनीतिक करियर का अहम हिस्सा रहा है।
2019 में शुरू हुआ चुनावी राजनीति का सफर
सुहास सुब्रमण्यम ने 2019 में वर्जीनिया की जनरल असेंबली के लिए चुनाव जीतकर औपचारिक रूप से चुनावी राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 2019 से 2023 तक वर्जीनिया हाउस ऑफ डेलीगेट्स में काम किया। इसके बाद 2023 से 2024 तक वह वर्जीनिया स्टेट सीनेट के सदस्य रहे। राज्य की राजनीति में रहते हुए उन्होंने टोल, बिजली और उपयोगिता बिलों तथा दवाओं की कीमतों को कम करने से जुड़े विधायी प्रयास किए। उन्होंने द्विदलीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक कॉकस की सह-स्थापना भी की। शिक्षा, करों और बंदूक हिंसा जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने दोनों दलों के समर्थन से कानून बनाने की कोशिश की।
2024 में पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पहुंचे
राज्य स्तर पर काम करने के बाद सुहास ने 2024 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ा और वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। जनवरी 2025 में उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के 119वें सत्र के लिए शपथ ली। इस जीत के साथ वह वर्जीनिया के इतिहास में अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई सांसद बने। प्रतिनिधि सभा में पहुंचने के बाद उन्हें विज्ञान, अंतरिक्ष एवं प्रौद्योगिकी समिति और निगरानी एवं जवाबदेही से जुड़ी समिति में जिम्मेदारी मिली। टेक्नोलॉजी नीति के क्षेत्र में उनके पुराने अनुभव को देखते हुए इन समितियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
2026 में रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर सीट बरकरार रखी
3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत दर्ज की। उनके सामने रिपब्लिकन पार्टी के डेव बेकविथ थे। चुनावी नतीजों में सुब्रमण्यम को 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि बेकविथ को 36.4 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ सुहास अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उनकी जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए भी अहम है, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस में बहुमत का फैसला करने वाले चुनावों में वर्जीनिया की यह सीट पार्टी के खाते में बरकरार रही।













