पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक बड़े आत्मघाती हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 35 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हमला डेरा इस्माइल खान जिले में सड़क किनारे बने एक पुलिस चेकपॉइंट को निशाना बनाकर किया गया। हमलावर ने विस्फोटकों से लदी गाड़ी को चेकपॉइंट से टकरा दिया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और पूरा इलाका दहल उठा।
प्रांतीय आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता बिलाल फैजी के मुताबिक, हमले के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाने का काम शुरू किया। स्थानीय पुलिस प्रमुख सफदर बलोच ने बताया कि मृतकों और घायलों में ज्यादातर सुरक्षाकर्मी और राहगीर शामिल हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि चेकपॉइंट का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने विस्फोट के बाद गोलियों की आवाज सुनाई देने की भी बात कही।
घायलों को ले जा रही एम्बुलेंस पर भी हमला
हमले के बाद राहत अभियान के दौरान स्थिति और गंभीर हो गई। बिलाल फैजी ने बताया कि जब आपातकालीन टीमें पीड़ितों को अस्पताल पहुंचा रही थीं, उसी दौरान बंदूकधारियों ने एक एम्बुलेंस पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक बचावकर्मी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
फैजी के अनुसार, शुरुआती आत्मघाती हमले में मारे गए लोगों में दो महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल थे। इस तरह हमले का असर केवल चेकपॉइंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी बचाव टीम भी निशाने पर आ गई।
पाकिस्तानी तालिबान ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान ने ली है। इस संगठन को आधिकारिक तौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के नाम से जाना जाता है।
पाकिस्तान में हाल के वर्षों में चरमपंथी हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें से कई हमलों की जिम्मेदारी TTP और प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है। बलूच लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी संगठन है, जो मुख्य रूप से पाकिस्तान के पड़ोसी बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय है।
जरदारी और शहबाज शरीफ ने की निंदा
हमले के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना की निंदा की। दोनों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
जरदारी ने आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाए जाने को बेहद निंदनीय बताया और पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन विदेशी मदद से ऐसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान के आरोप
पाकिस्तानी अधिकारी लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर TTP के सदस्यों को अफगान इलाके से गतिविधियां संचालित करने की अनुमति देने का आरोप लगाते रहे हैं। पाकिस्तान ने काबुल से सीमा पार होने वाले हमलों को रोकने की मांग भी की है।
हालांकि, अफगान अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वे अपने क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देते।
डेरा इस्माइल खान में शनिवार को हुआ हमला इसी क्षेत्र में जारी सुरक्षा चुनौती के बीच हुआ, जिसमें आत्मघाती विस्फोट के अलावा राहत कार्य में जुटी एम्बुलेंस को भी निशाना बनाया गया।













