न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

छंटनी की मार... कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की गई नौकरी, छलका दर्द

वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की नौकरी चली गई। सोशल मीडिया पर उन्होंने अपना दर्द साझा किया। जानिए पूरी कहानी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 05 Feb 2026 9:27:27

छंटनी की मार... कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की गई नौकरी, छलका दर्द

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और चर्चित पत्रकार ईशान थरूर की नौकरी चली गई है। अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के तहत उन्हें भी काम से मुक्त कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखबार ने अपने कुल स्टाफ का करीब एक-तिहाई हिस्सा कम किया है। इस फैसले के तहत न सिर्फ सैकड़ों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं, बल्कि खेल विभाग और कई अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो भी बंद कर दिए गए हैं। इसी प्रक्रिया में ईशान थरूर का नाम भी शामिल हो गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट में काम कर रहे लगभग 800 पत्रकारों में से 300 से अधिक को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब ईशान थरूर ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

ईशान थरूर ने क्या कहा?

ईशान थरूर ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से बाहर कर दिया गया। मेरे साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय टीम के अधिकांश सदस्य और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मी भी इस छंटनी का शिकार हुए हैं। मुझे अपने न्यूज रूम और खास तौर पर उन शानदार पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अखबार को मजबूत पहचान दिलाई।” उन्होंने आगे कहा कि करीब 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे सिर्फ सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त भी बन गए थे। “उनके साथ काम करना मेरे लिए हमेशा गर्व और सम्मान की बात रहेगी,” ईशान ने भावुक अंदाज़ में लिखा।

“पांच लाख पाठकों का हमेशा आभारी रहूंगा”

ईशान थरूर ने अपने लोकप्रिय कॉलम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य पाठकों को वैश्विक घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को बेहतर ढंग से समझाना था। उन्होंने लिखा, “मैं उन करीब पांच लाख वफादार पाठकों का दिल से शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने सालों तक हफ्ते में कई बार मेरे कॉलम को पढ़ा और उस पर भरोसा जताया।” ईशान ने माना कि पाठकों का यह समर्थन उनके पत्रकारिता सफर की सबसे बड़ी ताकत रहा है।

वॉशिंगटन पोस्ट में क्या थी ईशान की भूमिका?

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के वरिष्ठ लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक कूटनीति पर उनकी पैनी पकड़ के चलते उनका लेखन खासा पढ़ा जाता था। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में आ गए थे। इस घटना ने उन्हें सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां दिलाईं। अब उनके बाहर किए जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने उन्हें एक सशक्त और ईमानदार पत्रकार बताया है और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले की खुलकर आलोचना की है।

“दुखद लेकिन जरूरी फैसला” – कार्यकारी संपादक

वॉशिंगटन पोस्ट के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने छंटनी को लेकर बयान देते हुए कहा कि यह फैसला भावनात्मक रूप से कठिन जरूर है, लेकिन अखबार के भविष्य के लिए जरूरी भी था। उनके मुताबिक, मीडिया इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीक और पाठकों की आदतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि संस्थान को नई दिशा दी जा सके। गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अब तक अखबार कई बदलावों और पुनर्गठन के दौर से गुजर चुका है।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?