न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

पाकिस्तान बॉर्डर बंद होने से अफगान किसानों पर दोहरी मार, अंगूर से किशमिश बनाने को मजबूर

पाकिस्तान बॉर्डर बंद होने से कंधार के अफगान अंगूर किसानों का निर्यात कारोबार प्रभावित हुआ है। घरेलू बाजार में दाम गिरे तो किसान अंगूर से किशमिश बनाने लगे।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 20 Aug 2026 8:25:02

पाकिस्तान बॉर्डर बंद होने से अफगान किसानों पर दोहरी मार, अंगूर से किशमिश बनाने को मजबूर

अफगानिस्तान के कंधार में इस साल अंगूर की फसल अच्छी होने के बावजूद किसान इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। पाकिस्तान के साथ सीमा बंद होने से उनका बड़ा निर्यात बाजार अचानक पहुंच से बाहर हो गया है। ताजा अंगूर की बिक्री के रास्ते बंद होने के बाद कई किसान अब फसल को सुखाकर किशमिश में बदल रहे हैं, लेकिन इस विकल्प में भी उन्हें पहले की तुलना में काफी कम कीमत मिल रही है।

कंधार के जरी जिले में अंगूर उत्पादकों के सामने समस्या पैदावार की नहीं, बल्कि बाजार तक पहुंच की है। पाकिस्तान को अंगूर भेजना संभव नहीं होने के कारण घरेलू बाजार पर निर्भरता बढ़ गई है। यहां पहले से ही बड़ी मात्रा में अंगूर पहुंचने से कीमतों में गिरावट आई है। ऐसे में किसान अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे किशमिश में बदलने का रास्ता अपना रहे हैं।

अच्छी फसल, लेकिन बाजार में मांग का संकट

जरी इलाके के बड़े गोदामों में अंगूर सुखाने का काम चल रहा है। इन गोदामों में पंखों की मदद से गर्म हवा का प्रवाह किया जाता है और लकड़ियों पर लटकाए गए अंगूर धीरे-धीरे सूखकर किशमिश में बदलते हैं।

किसानों ने ताजे अंगूरों को स्थानीय बाजारों में बेचने की कोशिश की, लेकिन वहां पहले से ही पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है। अतिरिक्त माल आने से कीमतें नीचे चली गईं। इसके बाद अंगूर को किशमिश में बदलना किसानों के लिए एक विकल्प बना, मगर किशमिश के बाजार में भी दाम गिरने से उन्हें राहत नहीं मिली।

जरी के अंगूर उत्पादक साखी जान ने बताया कि उनके परिवार में 10 सदस्य हैं और मौजूदा हालात में घर का खर्च चलाना कठिन हो गया है। उनके मुताबिक, पहले 7 किलो किशमिश करीब 1,000 से 1,200 अफगानी में बिक जाती थी, लेकिन अब इसी मात्रा के लिए सिर्फ 400 से 450 अफगानी मिल रहे हैं।

साखी जान ने संघर्ष बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा कि पहले काम लगातार मिलता था और अंगूर बेचने से आमदनी हो जाती थी। उन्होंने अफगान सरकार और पाकिस्तान, दोनों से सीमा मार्ग खोलने तथा किसी समझौते तक पहुंचने की अपील की।

अंगूर के साथ अनार का निर्यात भी प्रभावित

सीमा बंद होने का असर केवल अंगूर उत्पादकों तक सीमित नहीं है। कंधार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर अब्दुल बाकी बीना के अनुसार, फल निर्यात से जुड़े कारोबार को व्यापक नुकसान हुआ है और अनार का व्यापार भी इससे प्रभावित हुआ है।

उन्होंने बताया कि 2025 में दक्षिणी अफगानिस्तान के पांच प्रमुख अंगूर उत्पादक प्रांतों से कुल 44,225 टन अंगूर का निर्यात हुआ था। इस निर्यात का मूल्य करीब 13.8 मिलियन डॉलर था। इसमें लगभग 43,000 टन अंगूर पाकिस्तान भेजे गए थे। शेष मात्रा बांग्लादेश, इराक और भारत जैसे बाजारों में गई थी।

इस साल निर्यात का आंकड़ा बेहद नीचे आ गया है। अब तक केवल 256 टन अंगूर ही दूसरे देशों तक पहुंच सके हैं, जिनकी कीमत करीब 1 लाख डॉलर बताई गई है। इससे पिछले साल की तुलना में कारोबार में आई भारी गिरावट का अंदाजा लगाया जा सकता है।

1500 से घटकर 15 रह गई मजदूरों की संख्या


सीमा बंद होने और कारोबार ठप पड़ने का असर खेतों में काम करने वाले मजदूरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अंगूर तोड़ने का काम करने वाले कुदरतुल्लाह पोपल के मुताबिक, जिस बाग में उन्होंने पिछले साल काम किया था, वहां करीब 1,500 मजदूर काम करते थे। इस साल यह संख्या घटकर लगभग 15 रह गई है।

पोपल ने बताया कि इस बार फसल अच्छी है और अंगूर भी अच्छी गुणवत्ता के हैं, लेकिन उन्हें दूसरे देशों में भेजना संभव नहीं हो पा रहा है। घरेलू बाजार में पहले से अधिक अंगूर होने के कारण किसानों को अपेक्षित कीमत नहीं मिल रही है। उनके अनुसार, रास्ते बंद होने और व्यापार रुकने का असर व्यापारियों, मजदूरों और बाग मालिकों सभी की आय पर पड़ रहा है।

सीमा विवाद की वजह से व्यापार पर असर

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहाड़ी सीमा पर पिछले कई महीनों से रुक-रुककर गोलीबारी की स्थिति बनी हुई है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार उन आतंकियों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। अफगानिस्तान ने इस आरोप को खारिज किया है।

सुरक्षा तनाव के बीच दोनों देशों के बीच कई रास्ते बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर उन अफगान कारोबारियों पर पड़ा है जिनकी कमाई पड़ोसी देश के बाजारों में होने वाले निर्यात पर निर्भर थी।

किसानों के सामने कमाई बचाने की चुनौती

कंधार के अंगूर किसानों के लिए मौजूदा संकट इसलिए और गंभीर है क्योंकि इस बार उत्पादन में कमी नहीं है। समस्या यह है कि तैयार फसल को उस बाजार तक पहुंचाने का रास्ता बंद है जहां उसकी बड़ी मांग रही है। घरेलू बाजार में अधिक आपूर्ति ने कीमतों को नीचे धकेल दिया, जबकि किशमिश बनाने के बाद भी किसानों को पहले जैसी कमाई नहीं हो रही।

अफगानिस्तान पहले से आर्थिक कठिनाइयों और गरीबी की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों की आय में इस तरह की गिरावट उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रही है। फिलहाल कंधार के अंगूर उत्पादक सीमा खुलने और व्यापारिक गतिविधियां सामान्य होने की उम्मीद लगाए हुए हैं, ताकि अच्छी फसल उनके लिए आर्थिक राहत का जरिया बन सके।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?