न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

नमाज पर CM योगी के बयान से उठी बहस, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा- ‘इबादत में रुकावट नहीं होनी चाहिए’

CM योगी के नमाज वाले बयान के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ उलेमाओं ने मस्जिदों में नमाज पढ़ने का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक बयान बताया। ईद-उल-अजहा से पहले सड़क पर नमाज को लेकर बहस तेज हो गई है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 22 May 2026 8:56:31

नमाज पर CM योगी के बयान से उठी बहस, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा- ‘इबादत में रुकावट नहीं होनी चाहिए’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने साफ किया है कि आगामी ईद-उल-अजहा की नमाज पहले की तरह मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग समय पर नमाज की व्यवस्था की जा सकती है।

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि नमाज पढ़ना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन इसे सार्वजनिक सड़कों या खुले रास्तों पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया था कि अगर किसी स्थान पर भीड़ अधिक हो तो अलग-अलग पालियों में नमाज आयोजित की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार किसी को इबादत से नहीं रोक रही, लेकिन सड़कें धार्मिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होनी चाहिए।

मौलाना खालिद रशीद ने क्या कहा?

All India Muslim Personal Law Board के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि 28 मई को होने वाली ईद-उल-अजहा की तैयारियां हर साल की तरह इस बार भी पूरी गंभीरता से की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कराने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर अलग-अलग समय में नमाज पढ़ाने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय हमेशा कानून-व्यवस्था का सम्मान करता आया है और नमाज सिर्फ इबादत नहीं बल्कि अनुशासन और संयम का भी संदेश देती है। महली ने यह भी कहा कि लंबे समय से मुसलमान सड़कों पर नमाज से बचते रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि समुदाय सामाजिक नियमों का पालन करने में विश्वास रखता है।

मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को सभी समुदायों के लिए एक समान नियम लागू करने चाहिए। उनके मुताबिक आदर्श स्थिति यह होगी कि किसी भी धर्म के लोग सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक आयोजन या जुलूस न निकालें।

शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने जताई अलग राय

वहीं All India Shia Personal Law Board के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि शिया समुदाय में ईद की नमाज हर साल की तरह इस बार भी मस्जिदों में आयोजित की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिया परंपरा में सामूहिक नमाज को अलग-अलग पालियों में अदा करने की व्यवस्था नहीं होती।

उन्होंने कहा कि इबादत किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित विषय नहीं है और किसी एक प्रकार की धार्मिक गतिविधि को निशाना बनाना उचित नहीं माना जाना चाहिए। अब्बास ने यह भी कहा कि जो भी धार्मिक आयोजन यातायात में बाधा डालते हैं, उन पर समान रूप से नियंत्रण होना चाहिए, चाहे वह किसी भी समुदाय से जुड़े हों।

बरेलवी धर्मगुरुओं ने किया समर्थन


इस बीच बरेलवी विचारधारा से जुड़े कई प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया है। उनका कहना है कि नमाज ऐसी जगह पर अदा की जानी चाहिए जहां शांति, साफ-सफाई और एकाग्रता बनी रहे। उनके अनुसार सड़कें और चौराहे इबादत के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माने जा सकते।

All India Muslim Jamaat के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि इस्लाम में नमाज के दौरान बंदे और अल्लाह के बीच पूरी तल्लीनता जरूरी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति मस्जिदों या घरों में आसानी से संभव है, जबकि सड़कों पर शोर और भीड़ के कारण इबादत का माहौल प्रभावित हो सकता है।

रजवी ने यह भी बताया कि इस्लामी परंपराओं के अनुसार यदि किसी मस्जिद में भीड़ ज्यादा हो जाए तो अलग-अलग इमामों के नेतृत्व में कई जमातें आयोजित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बरेली समेत अन्य शहरों में भी इस प्रकार की व्यवस्था लागू की जा सकती है।

नमाज पर योगी के बयान से मुस्लिम धर्मगुरुओं में मतभेद

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर दिए गए बयान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ उलेमाओं ने मुख्यमंत्री की बात का समर्थन किया है, वहीं कुछ ने इसे राजनीतिक बयान बताते हुए सवाल उठाए हैं। ईद-उल-अजहा से पहले इस मुद्दे पर धार्मिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

बरेली की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना खुर्शीद ने कहा कि सड़कों पर नमाज का विरोध करना कोई गलत बात नहीं है। उनके मुताबिक इस तरह के निर्देशों का पहले भी पालन होता आया है और आगे भी मुसलमान कानून-व्यवस्था का सम्मान करते हुए इसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए मस्जिद और ईदगाह ही सबसे उपयुक्त स्थान हैं।

अमरोहा के मदरसा इस्लामिया अरबिया जामा मस्जिद के प्राचार्य मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने भी कहा कि इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार सार्वजनिक सड़कों या रास्तों पर नमाज अदा करना सही नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि बिना प्रशासनिक अनुमति के कहीं भी नमाज पढ़ना उचित नहीं है और अधिकांश मुसलमान इस नियम को समझते भी हैं और उसका पालन भी करते हैं।

हालांकि मंसूरपुरी ने मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति भी जताई। उनका कहना था कि मुसलमान पहले से ही सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, इसलिए इस तरह की टिप्पणी की जरूरत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नमाज को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और बहुसंख्यक समाज को खुश करने के लिए दिया गया प्रतीत होता है।

मुरादाबाद के शहर इमाम हकीम मौलाना मासूम अली आजाद ने भी योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुसलमान वर्षों से ईद की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा करते आए हैं। उनके मुताबिक इस्लाम में साफ-सफाई को बेहद अहम माना गया है, इसलिए कोई भी समझदार व्यक्ति गंदी सड़क पर नमाज पढ़ना पसंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इबादत के लिए शांत और स्वच्छ स्थान जरूरी होता है।

गौरतलब है कि इस वर्ष Eid al-Adha 28 मई 2026 को मनाई जाएगी और इसके मद्देनजर प्रशासन भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।

ईद की नमाज के लिए सड़क इस्तेमाल करने की मांग

इसी बीच All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen की अलीगढ़ जिला इकाई ने प्रशासन से ईद-उल-अजहा की नमाज के दौरान सड़क इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। पार्टी का कहना है कि मुख्य ईदगाह परिसर में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में नमाजी बाहर तक पहुंच जाते हैं।

एआईएमआईएम की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि ईद की नमाज महज आधे घंटे का कार्यक्रम होता है और इससे ट्रैफिक व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। पार्टी के जिला अध्यक्ष यामीन खान अब्बासी ने कहा कि संबंधित ईदगाह किसी मुख्य मार्ग पर नहीं बल्कि अल्पसंख्यक बहुल इलाके में स्थित है, इसलिए यातायात प्रभावित होने की संभावना बेहद कम है।

अब्बासी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और सभी समुदायों के लिए समान नियम होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य धर्मों के जुलूसों और आयोजनों के लिए प्रशासन अक्सर विशेष अनुमति देता है, इसलिए ईद की नमाज के लिए भी सहयोग मिलना चाहिए।

ज्ञापन में पार्टी ने प्रशासन से त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारु रखने और कुर्बानी के बाद सफाई व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की है। एआईएमआईएम नेताओं ने कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से ईद की नमाज संपन्न कराने में पूरा सहयोग देंगे।

राज्य
View More

Shorts see more

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

  • खाली पेट देसी घी खाने से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है।
  • यह त्वचा में निखार और हड्डियों को मजबूती देने में मददगार माना जाता है।
  • संतुलित मात्रा में घी दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

अभिजीत दिपके बोले- आंदोलन के बड़े फैसले आशुतोष रांका और सौरव दास लेते थे, दिवाली तक CJP का प्रदर्शन नहीं
अभिजीत दिपके बोले- आंदोलन के बड़े फैसले आशुतोष रांका और सौरव दास लेते थे, दिवाली तक CJP का प्रदर्शन नहीं
‘गाड़ी में घुमाकर बदनाम किया, अब ऐसा सबक सिखाऊंगी कि…’, शिवा शर्मा को धमकाने वाले श्रद्धा दुबे के 2 कथित ऑडियो वायरल
‘गाड़ी में घुमाकर बदनाम किया, अब ऐसा सबक सिखाऊंगी कि…’, शिवा शर्मा को धमकाने वाले श्रद्धा दुबे के 2 कथित ऑडियो वायरल
अभिजीत दीपके ने क्यों रोका CJP का आंदोलन? रांका-दास की गिरफ्तारी या बांग्लादेश से तुलना की चिंता
अभिजीत दीपके ने क्यों रोका CJP का आंदोलन? रांका-दास की गिरफ्तारी या बांग्लादेश से तुलना की चिंता
टाइगर श्रॉफ ने फायरिंग के बाद इंस्टाग्राम पर लाइक किया पहला पोस्ट, 'जिंदगी भर के लिए गायब हो जाता' वाली लाइन ने खींचा ध्यान
टाइगर श्रॉफ ने फायरिंग के बाद इंस्टाग्राम पर लाइक किया पहला पोस्ट, 'जिंदगी भर के लिए गायब हो जाता' वाली लाइन ने खींचा ध्यान
वियतनाम जाने के आरोपों के बीच राहुल गांधी की नई तस्वीर आई सामने, प्रियंका गांधी के साथ Vision IAS के छात्रों से की मुलाकात
वियतनाम जाने के आरोपों के बीच राहुल गांधी की नई तस्वीर आई सामने, प्रियंका गांधी के साथ Vision IAS के छात्रों से की मुलाकात
चलती बाइक पर अचानक फटा मोबाइल, सड़क पर गिरा युवक; अस्पताल में तोड़ा दम
चलती बाइक पर अचानक फटा मोबाइल, सड़क पर गिरा युवक; अस्पताल में तोड़ा दम
पश्चिम बंगाल में टैक्स फ्री होगी रणबीर कपूर की ‘रामायण’, विजयादशमी पर CM शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान
पश्चिम बंगाल में टैक्स फ्री होगी रणबीर कपूर की ‘रामायण’, विजयादशमी पर CM शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान
अभिजीत दीपके ने उद्धव ठाकरे को कहा धन्यवाद, सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई
अभिजीत दीपके ने उद्धव ठाकरे को कहा धन्यवाद, सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई
पंजाब में 3 लाख सरकारी कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल, रोडवेज की 3,000 से ज्यादा बसों पर पड़ सकता है असर
पंजाब में 3 लाख सरकारी कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल, रोडवेज की 3,000 से ज्यादा बसों पर पड़ सकता है असर
अखिलेश यादव कल रामपुर में आजम खां से करेंगे मुलाकात, जेल में 45 मिनट होगी बातचीत; ओम प्रकाश राजभर ने साधा निशाना
अखिलेश यादव कल रामपुर में आजम खां से करेंगे मुलाकात, जेल में 45 मिनट होगी बातचीत; ओम प्रकाश राजभर ने साधा निशाना
‘रिजीम चेंज’ की आशंका पर बोले CM शुभेंदु अधिकारी, बांग्लादेश जैसे हालात को लेकर दी प्रतिक्रिया
‘रिजीम चेंज’ की आशंका पर बोले CM शुभेंदु अधिकारी, बांग्लादेश जैसे हालात को लेकर दी प्रतिक्रिया
शिवा शर्मा हत्याकांड: पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंची श्रद्धा दुबे, हाई कोर्ट में बेल की अर्जी; अफसरों पर गिरी गाज
शिवा शर्मा हत्याकांड: पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंची श्रद्धा दुबे, हाई कोर्ट में बेल की अर्जी; अफसरों पर गिरी गाज
गोल्डन टेंपल में अरदास करते हुए भावुक हुईं सारा अली खान, आयुष्मान खुराना के साथ लिया वाहेगुरु का आशीर्वाद
गोल्डन टेंपल में अरदास करते हुए भावुक हुईं सारा अली खान, आयुष्मान खुराना के साथ लिया वाहेगुरु का आशीर्वाद
अखिलेश यादव ने SIR में मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
अखिलेश यादव ने SIR में मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप