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कौन हैं कृष्ण मोहन? जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का कार्यवाहक महासचिव बनाया गया, संभालेंगे अहम जिम्मेदारी

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया। जानिए आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी और पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन का परिचय, करियर और उनकी नई जिम्मेदारियां।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 06 Jul 2026 10:25:30

कौन हैं कृष्ण मोहन? जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का कार्यवाहक महासचिव बनाया गया, संभालेंगे अहम जिम्मेदारी

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सोमवार को महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। नए दायित्व के साथ अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक, संगठनात्मक और प्रबंधन से जुड़े प्रमुख कार्यों का संचालन करेंगे। राम मंदिर से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के समन्वय से लेकर दैनिक व्यवस्थाओं तक की निगरानी अब उनके नेतृत्व में होगी।

जानिए कौन हैं कृष्ण मोहन?


कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी होने के साथ-साथ भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी भी हैं। 73 वर्षीय कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी हैं। लंबे प्रशासनिक अनुभव, अनुशासित कार्यशैली और संगठन में सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। माना जाता है कि वे प्रशासनिक दक्षता और संगठनात्मक समन्वय दोनों क्षेत्रों में गहरी पकड़ रखते हैं।

संघ में लंबे समय से निभा रहे हैं अहम दायित्व

वर्तमान में कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र संघ चालक (क्षेत्र प्रभारी) के रूप में कार्यरत हैं। संघ में वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने संगठन संचालन, कार्यकर्ताओं के समन्वय और व्यवस्थागत नेतृत्व का व्यापक अनुभव अर्जित किया है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि यही अनुभव राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को और अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

वर्ष 2025 में बने थे राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य

कृष्ण मोहन को वर्ष 2025 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य नियुक्त किया गया था। उन्होंने ट्रस्ट में कामेश्वर चौपाल के स्थान पर सदस्य के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। सदस्य बनने के बाद से ही वे मंदिर निर्माण कार्य, प्रशासनिक योजनाओं और ट्रस्ट की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उनकी कार्यशैली और अनुभव को देखते हुए उन्हें अब कार्यवाहक महासचिव का दायित्व सौंपा गया है।

आईएफएस अधिकारी से सामाजिक जीवन तक का सफर

कृष्ण मोहन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग में सेवाएं देकर की। बाद में उन्होंने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर विभिन्न प्रशासनिक पदों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह सामाजिक, वैचारिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए समर्पित कर दिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

अब ट्रस्ट के प्रशासन और पारदर्शिता की जिम्मेदारी

कार्यवाहक महासचिव बनने के बाद कृष्ण मोहन अब ट्रस्ट की नियमित प्रशासनिक गतिविधियों, विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन, बैठकों के समन्वय और राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए दान व्यवस्था की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या, मंदिर परिसर के विस्तार और भविष्य की विकास योजनाओं को देखते हुए कृष्ण मोहन की भूमिका आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता के बल पर मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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