समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 की रात लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी SGPGI में निधन हो गया। पीटीआई के मुताबिक उन्होंने रात करीब 9 बजे अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उपचार के लिए SGPGI में भर्ती थे।
राम गोविंद चौधरी के निधन की पुष्टि SGPGI के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने भी की। अमर उजाला और लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक चौधरी कई दिनों से संस्थान के पोस्टऑपरेटिव आईसीयू में भर्ती थे और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई राजनीतिक नेताओं ने शोक जताया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में राम गोविंद चौधरी को पार्टी का वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष बताते हुए उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा का पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री बताते हुए श्रद्धांजलि दी तथा उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। बलिया के टाउन कॉलेज की छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के बाद वह समाजवादी आंदोलन से जुड़े। आपातकाल के दौरान भी उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया और जेल गए। बाद में उन्होंने विधानसभा की राजनीति में लंबी पारी खेली।
पीटीआई के अनुसार चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1953 को बलिया जिले के सिकंदरपुर क्षेत्र के एक गांव में हुआ था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। छात्र जीवन में उन्होंने छात्र अधिकारों से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और इसी दौर में समाजवादी राजनीति से उनका जुड़ाव मजबूत हुआ।
वर्ष 1977 में राम गोविंद चौधरी पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग चुनावों में चिलकहर और बांसडीह विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। विधानसभा संबंधी उपलब्ध रिकॉर्ड और रिपोर्टों के अनुसार वह कुल आठ बार विधायक चुने गए।
उनके राजनीतिक जीवन में मंत्री पद की जिम्मेदारियां भी शामिल रहीं। मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने 1990-91 के दौरान उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी संभाली। बाद में 2003 से 2007 के बीच भी मुलायम सिंह यादव सरकार में मंत्री रहे।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बांसडीह सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की। इसके बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनके पास बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार और समाज कल्याण समेत अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां रहीं।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और समाजवादी पार्टी ने राम गोविंद चौधरी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी। विधानसभा संबंधी उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 27 मार्च 2017 से उनका नाम इस पद पर दर्ज रहा। उन्होंने 2017 से 2022 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में काम किया।
नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल में विधानसभा में उनके नाम से 943 प्रश्न और 50 चर्चाएं दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इससे उनके विधानसभा में सक्रिय रहने का रिकॉर्ड मिलता है।
2022 के विधानसभा चुनाव में राम गोविंद चौधरी ने एक बार फिर बांसडीह सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन की उम्मीदवार केतकी सिंह से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ उनका लगातार विधायक रहने का सिलसिला समाप्त हुआ।
राजनीतिक जीवन में राम गोविंद चौधरी का जुड़ाव समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेताओं से भी रहा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक वह जयप्रकाश नारायण के समाजवादी आंदोलन से प्रभावित थे और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ भी उनके राजनीतिक संबंध रहे। चंद्रशेखर को वह अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।
राम गोविंद चौधरी के निधन की खबर से उनके गृह जिले बलिया में भी शोक की प्रतिक्रिया सामने आई। वह करीब पांच दशक तक उत्तर प्रदेश की राजनीति और विधानसभा से जुड़े रहे तथा सपा सरकारों में मंत्री और 2017 से 2022 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
पीटीआई के अनुसार चौधरी लंबे समय से हृदय और गुर्दे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे। उनका पहले लखनऊ के मेदांता अस्पताल में हृदय का ऑपरेशन भी हुआ था और मैक्स अस्पताल में भी उनका इलाज चला था। करीब दो सप्ताह पहले उन्हें SGPGI में भर्ती कराया गया था।














