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नोएडा हिंसा पर बड़ा खुलासा: भीड़ खुद नहीं जुटी रातोंरात बने व्हाट्सएप ग्रुप, बाहरी लोगों की एंट्री का भी खुलासा

नोएडा हिंसा मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। साजिश के तहत भीड़ भड़काने, रातोंरात बने व्हाट्सएप ग्रुप और बाहरी लोगों की एंट्री के दावे सामने आए हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 14 Apr 2026 10:51:56

नोएडा हिंसा पर बड़ा खुलासा: भीड़ खुद नहीं जुटी रातोंरात बने व्हाट्सएप ग्रुप, बाहरी लोगों की एंट्री का भी खुलासा

नोएडा में हुई हिंसा को लेकर पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में यह दावा किया जा रहा है कि यह घटनाएं अचानक भड़की हुई भीड़ का परिणाम नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित नेटवर्क और संगठित प्रयास की भूमिका भी हो सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को हजारों लोगों के सड़कों पर उतरने और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ करने की घटनाएं सामने आईं, जहां वही मजदूर शामिल बताए गए जो उन्हीं उद्योगों में काम करते हैं जिनसे उनकी आजीविका जुड़ी है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर कैसे एक बड़ा वर्ग अपनी ही कार्यस्थलों पर नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार हो गया। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग वास्तविक मजदूर नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्वों की मौजूदगी भी सामने आई है।

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जुटाई गई भीड़

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, QR कोड के माध्यम से लोगों को अलग-अलग ग्रुपों में जोड़ा गया, और यह प्रक्रिया बेहद तेजी से पूरी की गई। कुछ ही घंटों में बड़ी संख्या में लोग इन डिजिटल समूहों का हिस्सा बन गए, जिससे एक संगठित भीड़ तैयार होती दिखाई दी। इन ग्रुपों के नाम अलग-अलग रखे गए थे, जिससे शुरुआती चरण में उनकी पहचान और निगरानी करना कठिन हो गया।

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भड़काऊ संदेशों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, ‘मजदूर आंदोलन’ नाम से एक प्रमुख ग्रुप भी सक्रिय था, जिसमें विभिन्न श्रमिक संगठनों और व्यक्तियों को जोड़ा गया था। इन ग्रुपों में लगातार संदेश और पोस्ट साझा किए जा रहे थे, जिनका उद्देश्य लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित करना बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन ग्रुपों में भड़काऊ और उत्तेजक संदेश फैलाए गए, जिनमें कई बार गलत जानकारी और अफवाहें भी शामिल थीं। माना जा रहा है कि इन संदेशों का मकसद भीड़ को उकसाना और प्रदर्शन को अधिक आक्रामक रूप देना था, जिससे हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।

सुनियोजित साजिश के एंगल से जांच जारी


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इन सुरागों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन ग्रुपों को कौन चला रहा था और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे। फिलहाल जांच एजेंसियां यह मानकर चल रही हैं कि यह पूरी गतिविधि एक संगठित योजना के तहत की गई हो सकती है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि इन नेटवर्क्स के एडमिन और ऑपरेटर्स की पहचान की जा रही है और पूरी साजिश की परतें खोलने की कोशिश जारी है। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ संदेशों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

7 थानों में FIR, 300 से अधिक लोग हिरासत में

घटनाक्रम के दौरान नोएडा सेक्टर-63 स्थित मारुति सुजुकी वर्कशॉप में उपद्रव की स्थिति देखने को मिली, जहां खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी गई और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। इसके अलावा सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई, जहां पुलिस को हालात काबू करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। सेक्टर-15 और आसपास के कमर्शियल इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने एक्सप्रेस-वे को जाम कर दिया, जबकि सेक्टर-62 क्षेत्र में फैक्ट्री कर्मचारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध करने की कोशिश की, जिससे घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।

पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 7 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है और उन पर केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि करीब 80 से अधिक स्थानों पर उपद्रव की घटनाएं सामने आई हैं और लगभग 42 हजार कर्मचारियों के इस आंदोलन में शामिल होने की बात सामने आ रही है। नोएडा से हिरासत में लिए गए कई लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेजा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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