मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले को ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ यानी दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में माना। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने अमित कश्यप की हत्या करने के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की साजिश रची थी। इसके लिए अमित के शव पर सांप छोड़ दिया गया था। सजा सुनाए जाने से पहले अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सरकारी वकील ने रविता और अमरदीप के अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की। वहीं, दोनों दोषियों ने अदालत में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने मामले की गंभीरता और प्रस्तुत पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए सजा का फैसला सुनाया।
अमित कश्यप की मां ने भी की थी फांसी की मांग
अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने भी अदालत से दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। पीड़ित परिवार फैसले के दौरान अदालत पहुंचा था और दोषियों के लिए कड़ी सजा चाहता था। सजा के ऐलान से पहले रविता और अमरदीप को ऑनलाइन माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सजा के मुद्दे पर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कम सजा देने की मांग रखी। दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष के वकील ने इस वारदात को समाज के लिए गंभीर संदेश देने वाला जघन्य अपराध बताया और दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग पर जोर दिया। अंततः अदालत ने रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई।
क्या है मेरठ का चर्चित सांप कांड?
अमित कश्यप हत्याकांड ने उस समय व्यापक चर्चा बटोरी थी, जब उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना के रूप में पेश करने की कोशिश सामने आई। मामले के अनुसार, बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप की उसके घर में हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि उसकी पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
हत्या के बाद घटना को सर्पदंश का रूप देने के लिए अमित के शव पर सांप छोड़ दिया गया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने इस तरह मौत की असली वजह छिपाने की कोशिश की। मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने घटनाक्रम को लेकर अहम जानकारी दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि
शुरुआत में अमित की मौत को सांप के काटने से जोड़कर देखा गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत गला दबाने के कारण होने का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान दोनों के बीच संबंधों और वारदात से जुड़ी परिस्थितियों की भी पड़ताल की गई। इस मामले की सुनवाई एडीजे-12 की अदालत में हुई। अदालत ने 7 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और शुक्रवार को फैसला सुनाया गया।
हत्या वाली रात 50 से ज्यादा बार हुई थी फोन पर बातचीत
मामले में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, रविता और अमरदीप के बीच फोन पर लगातार बातचीत होती थी। जिस रात अमित कश्यप की हत्या हुई, उस रात भी दोनों के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बात हुई थी। इसके अलावा, अमरदीप को वारदात वाली रात घर से बाहर जाते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई थी। जांच में सामने आए इन तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया। इसके बाद अदालत ने मामले को ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ मानते हुए रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई।













