उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अवैध रूप से खून की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रामगढ़ताल पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए एक कार से 100 यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल्स (PRBC) बरामद किए। पुलिस ने कार में सवार मुरादाबाद निवासी फहीम अहमद और ताज गुड्डू को गिरफ्तार किया है। बरामद रक्त की खेप मुरादाबाद से गोरखपुर लाई जा रही थी। इसे शहर के एक ब्लड बैंक में सप्लाई किया जाना था। बरामद रक्त के दूषित होने की आशंका भी जताई गई है। औषधि विभाग की टीम ने जांच के लिए दोनों डिब्बों से एक-एक यूनिट का नमूना लिया है। इनकी जांच के बाद ही रक्त की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और औषधि कानून के तहत कार्रवाई की है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोकी कार
पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर में दूसरे राज्यों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वाहनों में छिपाकर खून लाने और उसे ऊंचे दामों पर बेचने वाले गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इस नेटवर्क के राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैले होने की आशंका के आधार पर जांच की जा रही थी। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर रामगढ़ताल पुलिस चौकी के प्रभारी अमित चौबे ने मामले की पड़ताल शुरू की। मंगलवार को मुखबिर से जानकारी मिली कि मुरादाबाद से अवैध रूप से ब्लड की खेप गोरखपुर पहुंचने वाली है। इसके बाद पुलिस ने औषधि निरीक्षक श्रीध्वजेश्वर शुक्ला को सूचना दी और संयुक्त टीम तैयार की। टीम ने एलआईसी कार्यालय के पास घेराबंदी कर उत्तराखंड नंबर प्लेट वाली सफेद ऑल्टो कार को रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर पिछली सीट पर रखे दफ्ती के डिब्बे से 40 ब्लड बैग मिले। वहीं, डिक्की में रखे थर्माकोल के डिब्बे से 60 बैग बरामद हुए। इस तरह पुलिस को कुल 100 यूनिट रक्त मिला।
मुरादाबाद के ब्लड बैंक से लाई जा रही थी खेप
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से कम कीमत पर रक्त लेते थे। इसके बाद अलग-अलग ब्लड बैंकों की मांग के अनुसार उसे अधिक दामों पर बेचते थे। पुलिस के मुताबिक, बरामद खेप को गोरखपुर के एक ब्लड बैंक में पहुंचाया जाना था। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका है और अब तक कितने ब्लड बैंकों तक ऐसी सप्लाई की गई, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मुरादाबाद स्थित जिस ब्लड बैंक का नाम पूछताछ में सामने आया है, उससे जुड़ी भूमिका की भी जांच जरूरी होगी। केवल आरोपियों के बयान के आधार पर किसी संस्था की संलिप्तता को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
दूषित रक्त की आशंका, जांच के लिए सुरक्षित किए गए नमूने
बरामद 100 यूनिट रक्त की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया गया है। इसी वजह से औषधि निरीक्षक श्रीध्वजेश्वर शुक्ला ने दोनों डिब्बों से एक-एक यूनिट का नमूना लिया और उसे जांच के लिए सुरक्षित कर लिया। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रक्त निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। रक्त की सुरक्षा मरीजों के इलाज से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में बिना उचित प्रक्रिया और जरूरी जांच के रक्त की सप्लाई गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। हालांकि, इस मामले में बरामद रक्त के दूषित होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। नमूनों की जांच के नतीजे आने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
BNS और औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों फहीम अहमद और ताज गुड्डू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की धारा 18/27 के तहत कार्रवाई की है। जिस ऑल्टो कार में रक्त के बैग ले जाए जा रहे थे, उसे भी सीज कर दिया गया है। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य पहलू रक्त की सप्लाई के स्रोत, उसकी गुणवत्ता और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
प्रयागराज में ब्लड बैंक का स्टॉक ऑनलाइन देखने की व्यवस्था
दूसरी ओर, प्रयागराज में मरीजों और उनके तीमारदारों को रक्त की उपलब्धता की जानकारी आसानी से देने के लिए ब्लड बैंकों के स्टॉक का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी और निजी ब्लड बैंकों को ई-रक्तकोष पोर्टल के एकीकृत डाटा बैंक पर अपने यहां उपलब्ध रक्त का विवरण दर्ज करना होगा। इससे मरीजों को अस्पताल या ब्लड बैंक पहुंचने से पहले यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उनकी जरूरत के ब्लड ग्रुप का रक्त कहां उपलब्ध है। उन्हें अलग-अलग ब्लड बैंकों के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी। खासतौर पर आपातकालीन परिस्थितियों में यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
थैलेसीमिया, कैंसर, प्रसूति संबंधी जटिलताओं और सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को कई बार तत्काल रक्त की जरूरत होती है। ऑनलाइन जानकारी मिलने से परिजन उपलब्धता का पता लगाकर संबंधित ब्लड बैंक तक जल्दी पहुंच सकते हैं। केंद्र सरकार का ई-रक्तकोष पोर्टल भी पंजीकृत ब्लड सेंटर्स में उपलब्ध रक्त और उसके विभिन्न घटकों की जानकारी खोजने की सुविधा देता है।













