समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति के कई वोट होना या किसी मतदाता का नाम चार अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज मिलना सामान्य गलती नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला है। अखिलेश ने इन खामियों को सामने लाने का श्रेय सपा कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों की सतर्कता को दिया। उनका कहना था कि अब चुनाव आयोग मतदाता सूची में गड़बड़ियों को स्वीकार कर उन्हें ठीक करने की बात कर रहा है।
अखिलेश यादव गोमतीनगर विस्तार में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री विद्यावती का कुशलक्षेम जानने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, इसके बावजूद सूची में कथित विसंगतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान कई बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मौत का मुद्दा भी उठाया। सपा प्रमुख के मुताबिक, इतनी बड़ी कवायद और खर्च के बाद भी मतदाता सूची में इस तरह की गलतियां मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।
चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग के संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा जब चुनाव हारने की स्थिति में होती है, तब चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करती है। अखिलेश ने दावा किया कि जब समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग से सवाल करती है, तो भाजपा के नेता जवाब देने के लिए सामने आ जाते हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति से चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत को लेकर सवाल उठते हैं।
उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और दिल्ली में चुनाव आयोग के विरोध से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के उदाहरण देते हुए अखिलेश ने कहा कि सपा के पीडीए प्रहरी सचिन ने फूलमती नाम की महिला के एक से अधिक स्थानों पर वोट दर्ज होने की जानकारी दी है।
अखिलेश के मुताबिक, इस मामले में बूथ लेवल अधिकारी को सूचित किया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मतदाता सूची में दर्ज अतिरिक्त प्रविष्टियों को हटाया जाएगा। सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया में सतर्कता बरतने की अपील की। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ियों से लोगों के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
मतदाता सूची तैयार करने में टीसीएस की भूमिका पर सवाल
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची तैयार करने में निजी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी के कामकाज को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो उसकी विश्वसनीयता के बारे में भी स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने आशंका जताई कि किसी निजी कंपनी के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकती है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और उसे तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि, इस संबंध में उनके बयान में टीसीएस की भूमिका को लेकर आशंका और सवाल ही सामने आए।
विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए 26 नवंबर को बैठक
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी अखिलेश यादव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी की रणनीति तय करने और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी के कामकाज की दिशा पर चर्चा करने के लिए 26 नवंबर को बैठक आयोजित की जाएगी।
अखिलेश ने कहा कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके बाद आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस बैठक के जरिए पार्टी की चुनावी रणनीति और विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाले काम को लेकर चर्चा की जाएगी।













