न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

‘रणछोड़ अखिलेश’ कहकर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने साधा निशाना, सीएम बनने के बयान पर घेरा

अखिलेश यादव के 2027 यूपी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के बयान पर पंकज चौधरी ने तंज कसा। ओम प्रकाश राजभर ने भी सपा प्रमुख को चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 04 Nov 2026 11:43:39

‘रणछोड़ अखिलेश’ कहकर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने साधा निशाना, सीएम बनने के बयान पर घेरा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के बयान पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने निशाना साधा है। उन्होंने अखिलेश यादव को ‘रणछोड़’ बताते हुए कहा कि सपा प्रमुख ने पहले चुनौती दी और अब चुनावी मैदान से पीछे हट रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव को चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। दरअसल, अखिलेश यादव मंगलवार, 3 नवंबर को वाराणसी पहुंचे थे। यहां पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या वह 2027 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेंगे? इस पर सपा प्रमुख ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे और लोकसभा सांसद रहते हुए ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।

पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव को बताया 'रणछोड़'

अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट किया। उन्होंने सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए लिखा, 'रणछोड़ अखिलेश, पहले चुनौती दी, अब भाग खड़े हुए। अब क्या सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे? यह बिल्कुल वैसी ही बात है, जैसे बिना चुनाव के रिजीम चेंज। यही सपाइयों की सच्चाई है।' पंकज चौधरी ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के पुराने कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब अखिलेश यादव नोएडा जाने से डरते थे और अब चुनाव लड़ने से डर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की यह टिप्पणी अखिलेश यादव के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने साफ किया कि वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में खुद प्रत्याशी नहीं बनेंगे।

अखिलेश यादव ने बताया क्यों नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव से पूछा गया था कि क्या वह 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस पर उन्होंने कहा, 'हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब इलेक्शन नहीं लड़ते हैं। इसलिए वही करेंगे जो हमारे लिए शुभ है।' अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक सफर का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2012 में भी वह लोकसभा सदस्य रहते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने संकेत दिया कि इस बार भी वह लोकसभा सांसद रहते हुए ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस समय अखिलेश यादव कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद हैं। जब उनसे वाराणसी में समाजवादी पार्टी के चुनाव लड़ने वाली सीट के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने पत्रकार से ही पूछ लिया, 'तुम सीट बताओ।' उनके इस जवाब को भी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

2012 में लोकसभा सांसद रहते बने थे मुख्यमंत्री

अखिलेश यादव ने अपने बयान में वर्ष 2012 का उदाहरण दिया। उस समय समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और अखिलेश यादव लोकसभा के सदस्य थे। पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था। उन्होंने 15 मार्च 2012 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बाद में वह विधान परिषद के सदस्य बने। अखिलेश यादव ने इसी घटनाक्रम को अपने लिए शुभ बताते हुए कहा कि वह इस बार भी उसी रास्ते पर चलेंगे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना जरूरी नहीं है। हालांकि, 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत की स्थिति में मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं कहा।

ओम प्रकाश राजभर ने भी दी दो-दो हाथ करने की चुनौती

अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने के बयान पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी तंज कसा। उन्होंने सपा प्रमुख को चुनौती देते हुए कहा, 'अरे मित्र अखिलेश यादव! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइए हो जाए दो-दो हाथ।' राजभर की इस टिप्पणी ने बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की ओर से अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर हो रही आलोचना को और तेज कर दिया है। इससे पहले भी राजभर अखिलेश यादव को अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने या अपनी जहूराबाद सीट से मुकाबला करने की चुनौती दे चुके हैं।

2027 के चुनाव से पहले तेज हुई बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का खुद चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान विपक्षी और सत्तारूढ़ दलों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सपा प्रमुख ने 2012 के अपने अनुभव को आधार बनाकर लोकसभा सांसद रहते हुए मुख्यमंत्री बनने की बात कही है, जबकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उनके फैसले पर सवाल उठाए हैं। अब तक अखिलेश यादव ने अपने बयान में यही कहा है कि वह वही करेंगे जो उनके लिए शुभ रहा है। दूसरी ओर, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेता इसे चुनावी मैदान से पीछे हटने के तौर पर पेश कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की बयानबाजी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में एक नया सियासी मुद्दा बन गई है।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

बागेश्वर बाबा के राम-कृष्ण वाले बयान से यूपी में सियासी घमासान, क्या भाजपा के यादव वोट बैंक पर पड़ेगा असर?
बागेश्वर बाबा के राम-कृष्ण वाले बयान से यूपी में सियासी घमासान, क्या भाजपा के यादव वोट बैंक पर पड़ेगा असर?
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग का यू-टर्न, Form 6 से अलग हुआ SIR का कॉलम
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग का यू-टर्न, Form 6 से अलग हुआ SIR का कॉलम
‘आइए हो जाए दो-दो हाथ’, अखिलेश यादव को राजभर की खुली चुनौती, बोले- नेता क्या जो चुनाव से भागे?
‘आइए हो जाए दो-दो हाथ’, अखिलेश यादव को राजभर की खुली चुनौती, बोले- नेता क्या जो चुनाव से भागे?
किसानों को फसल नुकसान की भरपाई, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी; योगी सरकार की नई घोषणाएं
किसानों को फसल नुकसान की भरपाई, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी; योगी सरकार की नई घोषणाएं
अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं का जलवा, तीनों डेमोक्रेटिक चेहरों ने दर्ज की जीत
अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं का जलवा, तीनों डेमोक्रेटिक चेहरों ने दर्ज की जीत
सुहास सुब्रमण्यम कौन हैं? अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में वर्जीनिया से दोबारा जीते, रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया
सुहास सुब्रमण्यम कौन हैं? अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में वर्जीनिया से दोबारा जीते, रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया
मुंबई में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर सख्ती, बिना लाइसेंस सार्वजनिक स्थानों पर रखना भी प्रतिबंधित
मुंबई में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर सख्ती, बिना लाइसेंस सार्वजनिक स्थानों पर रखना भी प्रतिबंधित
55 की उम्र में भी फिट और एक्टिव हैं एलन मस्क, जानिए उनका खान-पान और फिटनेस रूटीन
55 की उम्र में भी फिट और एक्टिव हैं एलन मस्क, जानिए उनका खान-पान और फिटनेस रूटीन
गोरखपुर में अवैध खून तस्करी का खुलासा, 100 यूनिट PRBC के साथ मुरादाबाद के दो आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर में अवैध खून तस्करी का खुलासा, 100 यूनिट PRBC के साथ मुरादाबाद के दो आरोपी गिरफ्तार
‘रणछोड़ अखिलेश’ कहकर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने साधा निशाना, सीएम बनने के बयान पर घेरा
‘रणछोड़ अखिलेश’ कहकर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने साधा निशाना, सीएम बनने के बयान पर घेरा
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
दिवाली पर मां लक्ष्मी को कमल चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें पूजा के जरूरी नियम
दिवाली पर मां लक्ष्मी को कमल चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें पूजा के जरूरी नियम
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल