तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ए. रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली में ‘द कॉन्क्लेव 2026’ कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने राम और शिव की पूजा को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि शिवजी गरीबों के भगवान हैं, जबकि रामजी अमीरों के भगवान हैं। उन्होंने बीजेपी को राम की भक्ति से जोड़ते हुए कांग्रेस को शिव का भक्त बताया।
रेवंत रेड्डी ने अपने बयान में कहा, “हम द्रविड़ियन हैं, हमारी अपनी परंपराएं हैं। शिवजी गरीबों के भगवान हैं और रामजी अमीरों के भगवान हैं... भाजपा अमीरों की पार्टी है, इसीलिए वे केवल 'जय श्री राम' कहते हैं, 'हर हर महादेव' नहीं बोलते।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान दक्षिण और उत्तर भारत में भगवान शिव और राम की पूजा की परंपराओं का भी जिक्र किया। उन्होंने द्रविड़ और आर्य की थ्योरी का उल्लेख करते हुए दावा किया कि दक्षिण भारत में शिव की पूजा अधिक होती है, जबकि उत्तर भारत में राम की पूजा ज्यादा होती है। रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर भगवान राम को राजनीतिक प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस और बीजेपी की धार्मिक पहचान को लेकर क्या कहा
कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस शिव की भक्त है और बीजेपी राम की भक्त है। उन्होंने बीजेपी को अमीरों की पार्टी बताते हुए उसके ‘जय श्री राम’ के नारे से जोड़कर अपनी राजनीतिक टिप्पणी रखी।
उनके बयान में भगवान राम और भगवान शिव को सामाजिक और राजनीतिक वर्गों से जोड़ने की कोशिश दिखाई दी। रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि दक्षिण में शिव की पूजा और उत्तर में राम की पूजा अधिक होती है। इसी संदर्भ में उन्होंने बीजेपी पर भगवान राम को राजनीतिक प्रतीक बनाने का आरोप लगाया।
रेवंत रेड्डी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर राजनीतिक विवादों में रहे हैं। संदर्भित सामग्री के मुताबिक, इससे पहले उन्होंने बिहार के DNA को लेकर भी सवाल उठाया था।
बीजेपी नेता बंदी संजय कुमार ने किया पलटवार
रेवंत रेड्डी के बयान पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक विभाजन की रेखा खींचने का आरोप लगाया।
बंदी संजय कुमार ने कहा कि रेवंत रेड्डी को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के तौर पर भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण के आधार पर अलग नहीं करना चाहिए। उन्होंने तेलंगाना के वेमुलावाड़ा के श्री राजराजेश्वर स्वामी मंदिर को ‘दक्षिण काशी’ और भद्राचलम को ‘दक्षिण अयोध्या’ के रूप में संदर्भित करते हुए अपनी बात रखी।
बीजेपी नेता ने कहा कि भगवान शिव ने हलाहल विष पिया और नीलकंठ कहलाए। उनके मुताबिक, कांग्रेस पर जाति बनाम जाति, उत्तर बनाम दक्षिण और अब शिव बनाम राम की राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है।
वाराणसी और तेलंगाना के मंदिरों का किया जिक्र
बंदी संजय कुमार ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाराणसी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी वाराणसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और वहां काशी विश्वनाथ भगवान शिव का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद से नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने वेमुलावाड़ा में भगवान शिव के मंदिर श्री राजराजेश्वर स्वामी के दर्शन किए। उन्होंने रेवंत रेड्डी के महबूबनगर से आने का उल्लेख करते हुए वहां स्थित मान्यमकोंडा श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का भी जिक्र किया।
बंदी संजय कुमार ने कहा कि मान्यमकोंडा को हरिहर क्षेत्र कहा जाता है और यह हरि तथा हर की एकता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी राजनीति के लिए उन धार्मिक प्रतीकों को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘देवताओं को राजनीति में बांटने’ का लगाया आरोप
बीजेपी नेता ने रेवंत रेड्डी के पुराने राजनीतिक बयानों और चुनावी राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान लोगों से वोट हासिल करने के लिए देवताओं के नाम पर कसमें खाई गईं और अब उन्हीं देवताओं का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए किया जा रहा है।
बंदी संजय कुमार ने कहा कि पहले देवताओं को वादों के गवाह के तौर पर इस्तेमाल किया गया और अब उन्हें जाति, वर्ग और भूगोल के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए ‘शिवाय विष्णुरूपाय, शिवरूपाय विष्णवे’ श्लोक का हवाला दिया। इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि विष्णु शिव के हृदय में हैं और शिव विष्णु के हृदय में हैं। उन्होंने इसे सनातन धर्म की परंपरा से जोड़ा।
‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ का भी जिक्र
बंदी संजय कुमार ने रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने बीजेपी नेताओं के ‘हर हर महादेव’ न कहने की बात कही थी। बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्वयं ‘हर हर महादेव’ कहते हैं।
अपने बयान के अंत में बंदी संजय कुमार ने कांग्रेस पर लोगों को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि लोगों को ऐसी राजनीति को पहचानना चाहिए। उन्होंने ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ अपनी प्रतिक्रिया समाप्त की।
इस तरह रेवंत रेड्डी की राम और शिव को लेकर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच धार्मिक प्रतीकों तथा उनकी राजनीतिक व्याख्या को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है।













