राजस्थान के कोटा में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए दर्दनाक बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, आईजी हरेंद्र महावर सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। ओम बिरला ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उन्हें दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा के बाद होगा ब्लैक स्पॉट में सुधार
मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि कोटा बस हादसे की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों की समीक्षा भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक टीम लगातार सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों का अध्ययन कर रही है। इसका उद्देश्य दिल्ली-मुंबई हाईवे सहित अन्य सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाना है। ओम बिरला के मुताबिक, सड़क सुरक्षा का अध्ययन कर रही टीम ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। टीम की अंतिम बैठक नवंबर में आयोजित की जाएगी। इसके बाद एनएचआई, आंतरिक और पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर चिह्नित दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट को ठीक कराने का काम किया जाएगा। इन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके और भविष्य में ऐसे हादसे न हों। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
भोपाल से खाटूश्याम जा रही थी मिनी बस
यह हादसा कोटा जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे हुआ। जानकारी के मुताबिक, मिनी बस भोपाल से यात्रियों को लेकर खाटूश्याम जा रही थी। इसी दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बस अनियंत्रित हो गई और नाले के ऊपर बने एक पुल से टकरा गई। टक्कर के बाद मिनी बस करीब 15 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को अपने कब्जे में लिया। घायलों को न्यू मेडिकल कॉलेज और एबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
अलग-अलग परिवारों के यात्री कर रहे थे यात्रा
कोटा ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा ने बताया कि दुर्घटना में करीब 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 15 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मिनी बस में सवार कुछ यात्री भोपाल से खाटूश्याम की यात्रा पर निकले थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार, बस में यात्रा कर रहे लोग अलग-अलग परिवारों से संबंधित थे, लेकिन वे एक-दूसरे को जानते थे। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने और मृतकों के शवों को कब्जे में लेने की कार्रवाई की गई। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश देने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट में सुधार और सड़क सुरक्षा उपायों पर काम करने की बात कही है।














