राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और युवाओं से सुझाव भी लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी संकल्प शक्ति से कई ऐसे कार्य संभव हुए हैं, जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। इनमें जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं में ऊर्जा, नवाचार की क्षमता, कुछ नया करने का जुनून और कठिन लक्ष्यों को हासिल करने का साहस है। इस क्षमता को सही अवसरों से जोड़ना देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं की प्रतिभा को अवसरों में बदलने के लिए स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहल शुरू की हैं। इन योजनाओं से नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिला है। साथ ही, युवाओं के लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जिसमें उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और नए अवसर तलाशने का मौका मिल रहा है।
‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म को युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस प्लेटफॉर्म पर 26 लाख से अधिक युवा पंजीकृत हैं, जबकि 1,700 से ज्यादा संस्थाएं इससे जुड़ी हुई हैं। यह मंच युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने और उन्हें देश के विकास से संबंधित गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
युवाओं को नशे से दूर रखने के विषय पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को प्रभावी बनाने में जनभागीदारी की अहम भूमिका है। युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार भी नशामुक्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रदेश के 350 से अधिक महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में ‘नई किरण’ नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, ‘राज सवेरा’ कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालयों में नशामुक्ति वार्ड बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
कौशल प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक युवाओं के लिए कई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम कर रही है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल शुरू किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को विभिन्न अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए राजस्थान युवा नीति लागू की गई है। वहीं, राज्य कौशल नीति-2025 के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे रोजगार के लिए जरूरी क्षमताएं विकसित कर सकें।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक प्रदेश में 3 लाख 70 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 144 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, राज्य में 21 नए राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज और 76 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकार 220 सरकारी कॉलेज भवनों का निर्माण भी कर चुकी है।
राजस्थान में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्टार्टअप और स्वरोजगार को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। इनके विकास और संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए 65 आईस्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत चार लाख लाभार्थियों को 1,643 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए युवाओं को आर्थिक सहायता और रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए नए केंद्र और अकादमियां
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए भी काम कर रही है। इस दिशा में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 41 जिला मुख्यालयों पर ‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की गई है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम भी लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के संदेश—‘उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’—को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने की अपील की। साथ ही, विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देने का आग्रह किया।
युवाओं ने योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने युवा नीति और उनके कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। इस दौरान कई युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्हें अलग-अलग सरकारी योजनाओं से किस तरह सहायता मिली।
पैरा खिलाड़ी विक्रम कुमार मीणा ने आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। शिवम वैष्णव ने आई-स्टार्ट योजना से मिले लाभ का उल्लेख किया, जबकि मनीषा गोस्वामी ने सहायता राशि मिलने के लिए धन्यवाद दिया। निकिता ने टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन का जिक्र किया और हीरालाल महावर ने नशामुक्ति के लिए संचालित ‘नई किरण’ योजना के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन माय भारत वॉलेंटियर अद्विता सिंह और दृष्टिबाधित युवा सचिन सिंह जादौन ने किया। मुख्यमंत्री ने दोनों उद्घोषकों की सराहना करते हुए उनके आत्मविश्वास और प्रस्तुति की प्रशंसा की।
इस अवसर पर नशामुक्ति के विषय पर आधारित एक नाटिका का मंचन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, खिलाड़ी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और अन्य क्षेत्रों से जुड़े युवा उपस्थित रहे।














