विपक्षी नेताओं के ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए जा रहे बयानों के बीच देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अब शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद संजय राउत ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने केंद्र की मौजूदा सरकार और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी फिलहाल विदेश में हैं और उनके वियतनाम से लौटने के बाद ‘रिजीम चेंज’ होगा। राउत के इस बयान ने सत्ता परिवर्तन को लेकर जारी राजनीतिक चर्चा को और हवा दे दी है।
मोहन भागवत के बयान पर क्या बोले संजय राउत?
संजय राउत ने विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भागवत जो बात कह रहे हैं, वही बात विपक्ष भी कह रहा है।
राउत ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार और उसके बाद केंद्र में आई बीजेपी सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार को हटाकर बीजेपी की सरकार सत्ता में आई थी, लेकिन अब लोग मौजूदा सरकार से परेशान हैं। उनके मुताबिक, मनमोहन सिंह की सरकार को बदलना गलती थी और मोहन भागवत भी इसी तरह की बात कह रहे हैं।
गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी पर अपने संबोधन में कहा था कि केवल ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन से परिस्थितियां बदल जाएंगी, ऐसा कभी नहीं हुआ। उनके इस बयान के बाद सत्ता परिवर्तन और शासन व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। इसी संदर्भ में संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मौजूदा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।
यूरोप और दूसरे देशों का उदाहरण देकर सरकार पर साधा निशाना
संजय राउत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूरोप और दूसरे देशों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब लोगों का सरकार और व्यवस्था से विश्वास उठ जाता है, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध जताने लगते हैं। राउत ने यह भी कहा कि भारत में युवाओं ने अब तक संयम बनाए रखा है और सरकार को इसके लिए उनका आभार मानना चाहिए।
उनके बयान का केंद्र सरकार और देश की मौजूदा व्यवस्था के प्रति जनता के असंतोष से जुड़े सवालों पर जोर था। राउत ने विदेशों में सामने आ रहे विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए भारत की परिस्थितियों पर भी ध्यान देने की नसीहत दी।
अल्बानिया में प्रदर्शन का वीडियो साझा कर भारत को दी नसीहत
संजय राउत ने अल्बानिया में हुए विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। हाल के दिनों में यूरोप के कई देशों में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है। इसी क्रम में अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा देश के सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले किए जाने की घटना का वीडियो राउत ने अपनी सोशल मीडिया टाइमलाइन पर साझा किया। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने भारत को इससे सबक लेने की नसीहत दी। राउत ने दावा किया कि अल्बानिया में लोगों का गुस्सा सुप्रीम कोर्ट पर इसलिए फूटा, क्योंकि उनके अनुसार अदालत एक भ्रष्ट प्रधानमंत्री का बचाव कर रही थी।
उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि अल्बानिया में प्रदर्शनकारी संसद से लेकर मंत्रियों के घरों तक को निशाना बना रहे हैं। इस उदाहरण के जरिए राउत ने सरकार और व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास तथा असंतोष के मुद्दे को उठाया। संजय राउत के बयान में जहां राहुल गांधी के वियतनाम से लौटने के बाद सत्ता परिवर्तन की बात कही गई, वहीं मोहन भागवत की टिप्पणी और अल्बानिया में हुए विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर उन्होंने मौजूदा शासन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।













