मुंबई। पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने मुंबई और आसपास के इलाकों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रहे हादसों के बीच अब इस मुद्दे ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कुछ दिन पहले चेंबूर में एक स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत का मामला अभी चर्चा में ही था कि साकीनाका के चांदिवली क्षेत्र में खुले मैनहोल में गिरकर 60 वर्षीय असलम शेख की मौत ने सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में जोरदार ढंग से उठा, जहां विपक्ष ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। वहीं सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शाम तक पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने पर भी विचार किया जाए। राज्य सरकार ने भी घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
नाना पटोले ने सरकार को घेरा, प्रशासनिक विफलता का लगाया आरोप
विधानसभा में विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता नाना पटोले ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक समीकरण साधने में लगा हुआ है, जबकि आम नागरिकों की सुरक्षा लगातार खतरे में पड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही मौतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं और सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जा रहा है।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता असलम शेख ने भी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के बजाय जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले चेंबूर में एक छात्र की जान गई और अब साकीनाका में एक बुजुर्ग खुले मैनहोल में गिरकर अपनी जान गंवा बैठे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उनके अनुसार इन घटनाओं के लिए प्रशासनिक लापरवाही और बीएमसी की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है।
शिवसेना विधायक ने साजिश की संभावना की जांच की मांग की
चांदिवली से शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक दिलीप लांडे ने कहा कि यह घटना उनके विधानसभा क्षेत्र में हुई है और इसकी हर पहलू से जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि असलम शेख खुले मैनहोल में गिर गए थे और बाद में उनका शव दूसरे मैनहोल से बरामद किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मैनहोल का ढक्कन पहले से खुला था या उसे किसी ने जानबूझकर हटाया था। उनके अनुसार सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और बीएमसी के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
उधर, एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भले ही लगातार भारी बारिश हो रही हो, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी ने भी दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की उठाई मांग
भारतीय जनता पार्टी के मुंबई अध्यक्ष अमित सातम ने भी विधानसभा में इस घटना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर निकाय में किसी भी दल की सत्ता हो, लेकिन जनता की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
बीजेपी विधायक राम कदम ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की दुर्घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं और प्रशासन को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भारी बारिश का दौर जारी, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
इस बीच लगातार हो रही वर्षा के कारण मुंबई में हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में मुंबई शहर और उपनगरों में 150 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन मौतें मुंबई और दो नवी मुंबई में दर्ज की गई हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के लिए मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बारिश के दौरान संभावित हादसों को रोकने की है।













