न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

महाराष्ट्र में SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 33% मतदाताओं के नाम कटने के दावे पर चुनाव आयोग को नोटिस

महाराष्ट्र SIR में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस दिया। जानें फॉर्म-6 विवाद और अगली सुनवाई की तारीख।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 26 Oct 2026 3:55:36

महाराष्ट्र में SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 33% मतदाताओं के नाम कटने के दावे पर चुनाव आयोग को नोटिस

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को अदालत ने इस प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में दावा किया गया है कि राज्य की प्रारूप मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और कई मतदाताओं को दोबारा पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने को कहा जा रहा है। अदालत ने फिलहाल दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ाने का आदेश नहीं दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि जरूरत महसूस होने पर तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को निर्धारित की गई है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता अरुण अनंदगिरी की याचिका पर सुनवाई की। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी. दातार पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम हटाए जाने और तार्किक विसंगतियों के नोटिस मिलने से बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।

याचिकाकर्ता ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि यदि नाम हटाए जाने की समस्या पर समय रहते विचार नहीं किया गया, तो प्रभावित मतदाताओं के लिए सूची में दोबारा नाम शामिल कराना मुश्किल हो सकता है।

याचिकाकर्ता का दावा: करीब 3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए

वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी. दातार ने पीठ के सामने दावा किया कि महाराष्ट्र में लगभग 9 करोड़ मतदाता हैं और प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद करीब 3 करोड़ नाम हटाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को ‘तार्किक विसंगति’ यानी लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के आधार पर नोटिस भेजे गए हैं।

दातार के मुताबिक, चुनाव आयोग ऐसे मतदाताओं से दोबारा पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने को कह रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि फॉर्म-6 सामान्य तौर पर नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है। जो लोग पहले से मतदाता सूची में शामिल रहे हैं और मतदान कर चुके हैं, उन्हें नए मतदाता की तरह आवेदन करने के लिए कहना उचित नहीं है।

उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि पहले से पंजीकृत मतदाताओं के लिए अलग प्रक्रिया या उपयुक्त फॉर्म की व्यवस्था पर विचार किया जाए। याचिकाकर्ता की दलील थी कि दोबारा पंजीकरण की मौजूदा प्रक्रिया उन लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है जिनका नाम पहले मतदाता सूची में मौजूद था। ये याचिकाकर्ता के पक्ष की दलीलें हैं; अदालत ने अभी इस विवाद पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।

मुंबई और पुणे के पुनर्विकास प्रोजेक्ट से जुड़ी चिंता

याचिका में मतदाता सूची से नाम हटने की आशंका के पीछे मुंबई और पुणे में चल रहे पुनर्विकास कार्यों का भी उल्लेख किया गया। दातार ने अदालत को बताया कि इन दोनों शहरों में लगभग 3,500 पुनर्विकास परियोजनाएं चल रही हैं। इनके तहत पुरानी हाउसिंग सोसायटियों और आवासीय कॉलोनियों को तोड़ा जा रहा है, जिसके कारण हजारों लोगों को अपने मौजूदा घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ रहा है।

उनकी दलील थी कि घर बदलने के बाद मतदाताओं के पते और अन्य जानकारियों में बदलाव हो सकता है। ऐसी स्थिति में यदि सत्यापन के दौरान कोई व्यक्ति अपने दर्ज पते पर नहीं मिलता, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा रहता है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि पुनर्विकास के कारण अस्थायी रूप से दूसरी जगह रहने वाले लोगों को भी इस प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने समयसीमा बढ़ाने पर क्या कहा?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग की गई। साथ ही, अदालत से अनुरोध किया गया कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक महाराष्ट्र की मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग का पक्ष सुने बिना तत्काल समयसीमा बढ़ाने या अंतिम सूची की प्रक्रिया रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया। पीठ ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा और मामले को 5 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता की चिंताओं पर कहा कि यदि अदालत को लगेगा कि कुछ लोग जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कर पाए हैं और उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए, तो समयसीमा बढ़ाने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि SIR से जुड़े दूसरे मामलों में अदालत पहले भी तारीखें बढ़ा चुकी है।

अब 5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

महाराष्ट्र में SIR को चुनौती देने वाली इस याचिका पर अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी। याचिकाकर्ता ने बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने, तार्किक विसंगतियों के नोटिस और पहले से पंजीकृत मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल अदालत ने इन दलीलों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। चुनाव आयोग का जवाब आने और आगे की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से जुड़े आरोपों पर अदालत क्या निर्देश देती है और समयसीमा में किसी बदलाव की जरूरत मानती है या नहीं।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

खरगे के बयान पर राजनाथ सिंह का कांग्रेस को कड़ा संदेश, बोले- व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए
खरगे के बयान पर राजनाथ सिंह का कांग्रेस को कड़ा संदेश, बोले- व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए
महाराष्ट्र में SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 33% मतदाताओं के नाम कटने के दावे पर चुनाव आयोग को नोटिस
महाराष्ट्र में SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 33% मतदाताओं के नाम कटने के दावे पर चुनाव आयोग को नोटिस
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
योगी आदित्यनाथ का राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले- ‘छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से प्यार’
योगी आदित्यनाथ का राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले- ‘छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से प्यार’
ओवैसी ने सपा-कांग्रेस को दिया गठबंधन का ऑफर, बोले- योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार CM बनते नहीं देखना चाहते
ओवैसी ने सपा-कांग्रेस को दिया गठबंधन का ऑफर, बोले- योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार CM बनते नहीं देखना चाहते
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?