महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़ी टिप्पणी को लेकर विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष विरोध प्रदर्शनों की आड़ में अराजकता फैलाने और सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूषण के बयान से विपक्ष की कथित मंशा सामने आ गई है और अब मन में छिपी बात खुलकर सामने आ गई है। फडणवीस ने वीडियो के साथ अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।” मुख्यमंत्री ने इस टिप्पणी के जरिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों के पीछे सत्ता की कुर्सी हासिल करने का उद्देश्य है।
‘मन में छुपी बात आखिर होठों पर आ ही गई’: फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पोस्ट में विपक्ष पर आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाने से लेकर जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाने तक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया। फडणवीस ने लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पड़े। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पड़े, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पड़े।” मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी रखते हुए कहा कि आंदोलन के नाम पर अराजकता फैलाना ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने अपनी टिप्पणी में लिखा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।” फडणवीस के इन आरोपों के केंद्र में प्रशांत भूषण का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ‘सत्ता परिवर्तन’ यानी रेजीम चेंज से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की थी। मुख्यमंत्री ने भूषण की टिप्पणी को विपक्ष की मंशा से जोड़ते हुए अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी।
प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ विवाद
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सीजेपी के प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘सत्ता परिवर्तन’ से जुड़े उद्देश्यों पर खुलकर चर्चा की। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में योजनाबद्ध तरीके से अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ने प्रशांत भूषण की टिप्पणी को विपक्ष के कथित एजेंडे से जोड़कर सवाल उठाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का भी कहना है कि प्रशांत भूषण के बयान से विपक्ष का असली एजेंडा उजागर हो गया है। हालांकि, सत्ता परिवर्तन को लेकर लगाए जा रहे इन आरोपों और आंदोलन के उद्देश्य पर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आए हैं। फडणवीस ने जहां इस टिप्पणी को सत्ता हासिल करने की मंशा से जोड़कर देखा, वहीं सीजेपी की ओर से इसका खंडन किया गया।
अभिजीत दीपके ने दी सफाई, कहा- मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगना उद्देश्य
मुख्यमंत्री फडणवीस की तीखी आलोचना और विवाद बढ़ने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सफाई दी। देर रात आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के जरिए केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। दीपके की इस प्रतिक्रिया के साथ विवाद में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। फडणवीस ने प्रशांत भूषण की टिप्पणी के आधार पर विपक्ष पर सत्ता हासिल करने के लिए आंदोलन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जबकि सीजेपी संस्थापक ने आंदोलन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग बताया।
‘सत्ता परिवर्तन’ की टिप्पणी पर राजनीतिक टकराव तेज
प्रशांत भूषण के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो साझा कर विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए और आंदोलन के जरिए अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने इन आरोपों के बीच स्पष्ट किया कि उनका विरोध-प्रदर्शन सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था।













