महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिवसेना को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में केवल एक ही वास्तविक शिवसेना है और उसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। अपने भाषण के दौरान शाह ने उद्धव ठाकरे पर भी तीखा निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने शिवसेना की मूल विचारधारा से दूरी बनाकर कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया है। शाह ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने उस राजनीतिक रास्ते को छोड़ दिया, जिस पर कभी बालासाहेब ठाकरे की पार्टी चला करती थी, और अब वे राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ गठबंधन की राजनीति कर रहे हैं।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल की चर्चा तेज है। पार्टी में हालिया घटनाक्रमों ने महाराष्ट्र की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है और इस बीच शाह की टिप्पणी को भी काफी अहम माना जा रहा है।
मंच पर साथ दिखे फडणवीस और शिंदे
कोल्हापुर की इस रैली में अमित शाह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। सभा के दौरान शाह ने राज्य सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार मजबूत और स्थिर नेतृत्व के साथ राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम कर रही है।
अपने संबोधन में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इतिहास इस बात को याद रखेगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत ने विकास, सांस्कृतिक गौरव और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। शाह ने कहा कि देश ने आर्थिक और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है और दुनिया में एक नई पहचान बनाई है।
विपक्ष और घुसपैठ के मुद्दे पर भी साधा निशाना
जनसभा के दौरान अमित शाह ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा माना जाता था कि पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी के लिए कठिन राजनीतिक क्षेत्र है, लेकिन वहां भी पार्टी ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और लगातार जनसमर्थन बढ़ाया है।
घुसपैठ के मुद्दे पर भी शाह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भारत किसी के लिए धर्मशाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इस देश में वही लोग रहने के हकदार हैं जो भारत के वैध नागरिक हैं। शाह ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अवैध रूप से देश में रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बाहर निकाला जाएगा।
इधर, शिवसेना यूबीटी के भीतर जारी राजनीतिक संकट ने उद्धव ठाकरे की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। हाल ही में पार्टी के छह सांसदों ने अलग गुट बनाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की इच्छा जताई। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की संख्या काफी घट गई है और अब उनके पास केवल तीन सांसद शेष रह गए हैं। ऐसे में महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना को लेकर चल रही खींचतान और भी तेज होती दिखाई दे रही है।













