मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को ट्रक से कुचले जाने की दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्रवाई की है। रविवार को हुए इस हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक को हटाने और आठ अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों और घायलों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रक के प्रवेश करने के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और जिला प्रशासन को घटना की तथ्यपरक जांच करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपे, ताकि हादसे से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रक घुसने से हुआ हादसा, जांच के आदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, ग्वालियर में हुई दुर्घटना की वजह प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रक का प्रवेश करना था। रविवार तड़के तेज रफ्तार ट्रक मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ आगे बढ़ा और फिर मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। पुलिस के अनुसार, हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 अन्य लोग घायल हुए। हालांकि, घटना से जुड़ी एक अन्य जानकारी में अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों की संख्या 27 बताई गई है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मामले की तथ्यपरक जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक को हटाने और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया। यह कार्रवाई हादसे के बाद की गई है।
मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
ग्वालियर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दुर्घटना में घायल अन्य लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस तरह सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों, गंभीर रूप से घायल लोगों और अन्य घायलों के लिए अलग-अलग राहत का प्रावधान बताया गया है। हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जांच की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ प्रवेश द्वार से टकराया ट्रक
ग्वालियर जिले में रविवार तड़के यह हादसा उस समय हुआ, जब मंदिर के बाहर कई श्रद्धालु मौजूद थे। एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया और इसके बाद मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। दुर्घटना में कई लोगों की मौके पर या बाद में मौत होने की जानकारी दी गई है, जबकि घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, हादसे में 14 लोगों की जान गई और 28 लोग घायल हुए। वहीं, घायलों की कुल संख्या का उल्लेख करते हुए एक अन्य विवरण में बताया गया है कि 27 लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश देने के साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है।
हादसे में जान गंवाने वालों के नाम
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में महलगांव निवासी सतेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ जगदीश सिंह का नाम शामिल है। इसके अलावा राजीव नगर निवासी सरला तोमर, जो राजेंद्र सिंह तोमर की पत्नी थीं, की भी मौत हुई है। खुरेरी के बड़ागांव निवासी गौरव परिहार, कमलेश परिहार के पुत्र, भी हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं। मृतकों में श्योपुर जिले के सहसराम निवासी महेश शर्मा, जो मातादीन शर्मा के पुत्र थे, और शिवपुरी जिले के महागावरा निवासी विमलेश के नाम भी बताए गए हैं। भितरवार के मावटा निवासी देवेश बघेल, हरिसिंह बघेल के पुत्र, की भी इस हादसे में मौत हुई। इसके अलावा ठाठीपुर निवासी प्रिंस उर्फ छोटू जाटव, जो संतोष जाटव के पुत्र थे, भी मृतकों में शामिल हैं। श्योपुर जिले के सहसराम निवासी शौर्य शर्मा, संजय शर्मा के पुत्र, की भी जान गई। शिवनगर गदाईपुरा निवासी हेमंत राठौर, बंटी राठौर के पुत्र, महेशपुरा निवासी दिव्यांश कुशवाह, अशोक कुशवाह के पुत्र, और गदाईपुरा निवासी पवन राठौर, विद्याराम राठौर के पुत्र, के नाम भी मृतकों की सूची में शामिल हैं।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
ग्वालियर में मंदिर के बाहर हुए इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। उपलब्ध विवरण में एक ओर पुलिस के हवाले से 28 घायलों की जानकारी दी गई है, वहीं दूसरे हिस्से में अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों की संख्या 27 बताई गई है। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज सरकार कराएगी। अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। हादसे की जांच के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक को हटाने और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश भी दिया गया है।













