दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर बैठे होने के बावजूद ज्ञानेश कुमार वोटों की चोरी करवा रहे हैं। तेजस्वी ने उन्हें डरपोक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को कुचलने वाले लोग ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे। यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित की गई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बदलाव के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। गठबंधन के नेता इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग को घेर रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए वोट चोरी के आरोप
रामलीला मैदान में सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि INDIA गठबंधन की इस रैली को आम जनता का समर्थन मिल रहा है। उनके मुताबिक, गठबंधन में कई राजनीतिक दल शामिल हैं और सभी लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के मुद्दे पर एक साथ आए हैं।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि देश में वोटों की चोरी हो रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के संवैधानिक अधिकार छीनने और लोकतंत्र को कुचलने की कोशिशों के खिलाफ विपक्ष एकजुट हुआ है। उनका कहना था कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान को सुरक्षित रखने की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए RJD नेता ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के जरिए वोटों की चोरी करवाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर भारी नाराजगी है और संबंधित लोगों की असलियत सामने आ चुकी है। तेजस्वी ने अपने बयान में कहा कि ये लोग ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने उन्हें डरपोक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को कुचलने वाले लोग लंबे समय तक नहीं रह सकते। ये सभी बातें तेजस्वी यादव ने रैली में अपने राजनीतिक आरोपों के तौर पर कहीं।
खरगे के आवास से शुरू हुई विपक्षी नेताओं की जुटान
रैली से पहले INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एकत्र हुए। इसके बाद विपक्षी नेता खुले वाहनों में सवार होकर कनॉट प्लेस पहुंचे। वहां से रामलीला मैदान की ओर मार्च का कार्यक्रम रखा गया, जहां गठबंधन के नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इस आयोजन के जरिए विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उनकी प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। यह रैली खरगे के आवास पर शनिवार को हुई प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही के अगले दिन आयोजित की गई। इससे पहले अलग-अलग राज्यों से विपक्षी दलों के नेता और समर्थक दिल्ली पहुंचने लगे थे। गठबंधन ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और नागरिक समाज के सदस्यों से मार्च और रैली में शामिल होने की अपील की थी। कुछ छात्र संगठनों ने भी इस कार्यक्रम को समर्थन दिया है।
रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा, पुलिस का अनुमान 50 हजार
रामलीला मैदान में सुबह से ही समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया था। वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के लिए बनाए गए मुख्य मंच पर तिरंगे के रंगों वाला विशाल शामियाना लगाया गया है। इसके अलावा गठबंधन की अलग-अलग प्रदेश इकाइयों के प्रतिनिधियों के लिए एक अलग मंच तैयार किया गया है। रैली में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को लेकर आयोजकों और पुलिस के अनुमान में बड़ा अंतर है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने इस कार्यक्रम में 10 लाख तक लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के जुटने का है।
सुरक्षा के लिए 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
रैली और मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं। भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। निगरानी के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने रैली स्थल और मार्च के रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है।
शाम 5 बजे तक यातायात पर पाबंदियां
रैली के कारण रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात संबंधी पाबंदियां लागू की गई हैं। मार्च और सभा को देखते हुए कुछ प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। पुलिस ने लोगों को प्रभावित मार्गों से बचने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी है। रैली को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों तक पहुंचने वाले वाहनों की आवाजाही बनाए रखने के लिए भी इंतजाम किए गए हैं।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर निर्वाचन आयोग का रुख
INDIA गठबंधन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगातार निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं और लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करता रहा है। आयोग का पक्ष है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह का राजनीतिक पक्षपात नहीं किया जा रहा है। ऐसे में SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष तथा निर्वाचन आयोग के बीच टकराव जारी है।













