नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लोकतंत्र की बहाली के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया। अपने आवास पर आयोजित इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के आंदोलन का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा करना है और इसमें कोई अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल मिलकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए पीछे नहीं हटेंगे। राहुल गांधी ने सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने के अवसर सीमित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी बात रखने का एक माध्यम था, लेकिन अब सरकार ने तय किया है कि वहां लोकतांत्रिक भावनाएं व्यक्त नहीं की जा सकतीं। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष इस सोच को चुनौती देगा और लोगों की आवाज उठाने के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
राहुल गांधी के आवास पर जुटे INDIA ब्लॉक के नेता
राहुल गांधी ने मंगलवार को नई दिल्ली में 5, सुनहरी बाग रोड स्थित अपने आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को चाय पर आमंत्रित किया था। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं। विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव और मनोज झा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की महुआ माजी, समाजवादी पार्टी (SP) के हरेंद्र मलिक, आनंद भदौरिया और मोहिबुल्लाह नदवी शामिल हुए। इनके अलावा CPI-M के एमए बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के डी राजा और पी संतोष कुमार, CPI-ML के दीपांकर भट्टाचार्य तथा तृणमूल कांग्रेस (TMC) की महुआ मोइत्रा भी बैठक में मौजूद थीं। छात्र संगठन AISA की प्रमुख नेहा बोरा ने भी इसमें हिस्सा लिया। कांग्रेस की ओर से केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, शशि थरूर और पवन खेड़ा भी उपस्थित रहे। बैठक में विपक्षी नेताओं के साथ छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आंदोलन को लेकर उनके साझा रुख को सामने रखा।
राहुल गांधी बोले- आज नहीं तो कल, संघर्ष जारी रहेगा
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि सभी नेता लोकतंत्र को बचाने के उद्देश्य से एक साथ खड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष का मकसद एक ही है और इसे अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष भारत में लोकतंत्र की बहाली के लिए मिलकर लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की चुनाव प्रणाली और संविधान को नुकसान पहुंचाया गया है। उनके मुताबिक, विपक्ष की कोशिश लोकतांत्रिक शासन को फिर से मजबूत करने की है। उन्होंने आंदोलन जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि संघर्ष कुछ दिनों या महीनों तक सीमित नहीं रहेगा। राहुल गांधी ने कहा कि अगर आज लक्ष्य हासिल नहीं होता, तो कल या उसके बाद भी लड़ाई जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर यह संघर्ष छह महीने या एक साल बाद भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह विपक्षी दलों और समर्थकों को एकजुट किया गया है, उसी तरह आगे भी मिलकर आंदोलन चलाया जाएगा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की जिम्मेदारी से वे बच नहीं सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान को नुकसान पहुंचाकर आसानी से बच निकलना संभव नहीं होगा।
#WATCH | Delhi | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "...The one method of expression of democracy was Jantar Mantar and now the government has decided that Jantar Mantar can no longer be used to express democratic feelings. We are going to challenge that idea. It is not going to be so simple for the government to decide that the Indian people will not fight for their voice. The people who have done this, Mr. Modi, who is the main architect, Mr. Amit Shah, who is the implementer, Mr. Gyanesh Kumar, and others, they need to understand that the net is closing around them. It is not going to be so simple that you can destroy the Indian Constitution and get away with it...." "We are all standing here together as one. As I said yesterday, there are no parallel protests. There is one singular protest, and the protest has one mission: restoration of democracy in India. Democracy has been destroyed in this country. The election system has been destroyed. The constitution has been torn up and thrown away. We are fighting together to restore democratic rule, genuine democratic rule in this country..."
— ANI (@ANI) October 13, 2026
मल्लिकार्जुन खड़गे ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद विपक्ष की हालिया गतिविधियों और जनता की भागीदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों में INDIA गठबंधन की पहलों को बड़ी सफलता मिली है। खड़गे के अनुसार, राहुल गांधी और दूसरे नेताओं ने जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया है। खड़गे ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली और युवा तथा नागरिक अपनी पहल पर एकजुट हुए। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित वोट चोरी की योजना का पर्दाफाश करने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आया। उन्होंने आरोपों को सामने लाने और जनता के मुद्दों को लगातार उठाने की बात कही। हालांकि, बैठक के दौरान दिए गए इन बयानों में आरोपों के समर्थन में कोई नया दस्तावेज या अलग से प्रमाण प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है।
तेजस्वी यादव ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कुर्बानी देने की बात कही
RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी विपक्षी एकता पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओर से लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित करने की साजिश की जा रही है। तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और उनके कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी दल अपने संकल्प पर कायम हैं और जरूरत पड़ने पर किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, भगत सिंह और कर्पूरी ठाकुर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उन महान व्यक्तित्वों की धरती है, जिनके आदर्श लोकतांत्रिक अधिकारों और संघर्ष से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी ने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आरोप लगाए तथा कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। तेजस्वी यादव ने विरोध प्रदर्शन की जगह बदले जाने पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, जंतर-मंतर से हटाकर प्रदर्शन को दिल्ली की सीमाओं की ओर ले जाने का फैसला विपक्ष के प्रति सरकार के डर को दिखाता है। उन्होंने दावा किया कि वोटों की कथित चोरी और चुनाव में धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों को जनता के सामने जवाब देना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने में सफल होगा।
सुप्रिया सुले बोलीं- संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SCP) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि INDIA गठबंधन अन्याय और दमन के खिलाफ एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान को कमजोर किया गया है और वह अब भी खतरे में है। सुप्रिया सुले ने संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान ने सभी भारतीयों को जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन अधिकारों को बचाने के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगा। सुले ने यह भी कहा कि सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई व्यक्ति यदि लोगों के संवैधानिक अधिकारों को कुचलने की कोशिश करता है, तो यह गंभीर गलती है। उन्होंने अन्याय और दमन के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने की बात कही और कहा कि आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी जारी रहेगा।
लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और संविधान को लेकर विपक्ष का साझा रुख
बैठक के बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले के बयानों में लोकतंत्र की रक्षा, चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवाल और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा प्रमुख मुद्दे रहे। राहुल गांधी ने विपक्षी एकता और लंबे समय तक आंदोलन जारी रखने पर जोर दिया, जबकि खड़गे ने कथित वोट चोरी के आरोपों को उठाया। तेजस्वी यादव ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव आयोग को लेकर आरोप लगाए, वहीं सुप्रिया सुले ने संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा को आंदोलन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बताया। विपक्षी नेताओं ने अपने बयानों में संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। उनके आरोपों और दावों को लेकर इस बैठक में सरकार या संबंधित संस्थाओं की ओर से कोई जवाब शामिल नहीं था।













