कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है और ऐसा करके बड़ी गलती कर रही है। इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव की निष्पक्षता, कथित वोट चोरी और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। राहुल गांधी के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठा रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन सवालों के बावजूद ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित मार्च से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई और आवाजाही पर लगाई गई कथित पाबंदियों को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को जेल की तरह बनाया जा रहा है और लोगों को राजधानी पहुंचने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि ट्रेन और बसों को भी रोका जा रहा है तथा दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
#WATCH | Delhi | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "We want 20,000 to 30,000 police personnel deployed on the streets. The government is committing a grave mistake, because we want to show the country that Modi ji wants to ensure the security of Gyanesh Kumar... The more he is protected, the more we will ultimately reach his controller... We are receiving reports that police personnel are distressed because they are being ordered to beat up young people, while instructions are being issued to give RSS members a free hand."
— ANI (@ANI) October 12, 2026
पुलिस, ITBP और CRPF को लेकर भी किया दावा
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस और सुरक्षा बलों को लेकर भी एक दावा किया। उन्होंने कहा कि करीब 50 प्रतिशत पुलिसकर्मी उनसे कह रहे हैं कि वे जो कर रहे हैं, वह सही है और उन्हें अपना आंदोलन जारी रखना चाहिए। उन्होंने पुलिस, ITBP, CRPF और देश की जनता को एक तरफ बताते हुए दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, अजीत डोभाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के चार से पांच लोगों का नाम लिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ये लोग वोट चोरी और देश को हाईजैक करने में मदद कर रहे हैं। राहुल गांधी के ये बयान उनके राजनीतिक आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जताई गई चिंताओं का हिस्सा हैं। इन आरोपों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने जो बातें कहीं, वे उनके अपने दावे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष और उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर लोकतंत्र और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उनके अनुसार, मुख्य न्यायाधीश की ओर से जवाब मिला और उन्हें याचिका दायर करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता उनके साथ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और वहां याचिका दायर करेंगे। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगा और अपने सवालों को न्यायालय के सामने रखेगा।
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर जारी है विपक्ष का विरोध
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने का आरोप लगाया और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट तक जाने से रोका नहीं जा सकता। इंडिया गठबंधन के मार्च से पहले दिए गए इस बयान में राहुल गांधी ने दो प्रमुख मुद्दों पर जोर दिया—चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष की आपत्तियां और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की योजना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और उनके द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र के बाद अब विपक्षी नेता मिलकर न्यायालय में अपनी बात रखेंगे।














