दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मदीना मस्जिद पर देर रात हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई इस कार्रवाई की सूचना मिलने पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रशासन से मस्जिद के इमाम को अंदर जाने और धार्मिक किताबें बाहर निकालने की अनुमति देने की अपील की।
शोएब जमई ने इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बयान जारी किया और इसे 'सहारनपुर पार्ट-2' बताया। हालांकि, यह उनका बयान और आरोप है। संदर्भ सामग्री में प्रशासन की ओर से इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाई जा रही थीं अवैध संरचनाएं
शालीमार बाग में स्थित मदीना मस्जिद को हटाने की कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संबंधित सड़क को 30 मीटर चौड़ा किया जाना है। सड़क के किनारे मौजूद अवैध निर्माणों को हटाने के लिए पिछले करीब तीन महीने से नोटिस दिए जा रहे थे।
संदर्भ सामग्री के अनुसार, मस्जिद के इमाम को 15 दिनों के भीतर तीन बार मस्जिद खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद मस्जिद खाली नहीं कराई गई। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।
इस क्षेत्र में पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। मई-जून के दौरान करीब 150 घरों को तोड़े जाने की जानकारी दी गई है। मदीना मस्जिद भी उन संरचनाओं में शामिल थी, जिन्हें सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जाना था।
आधी रात की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी
मस्जिद पर देर रात बुलडोजर चलाए जाने की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध किया। कार्रवाई के दौरान इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनने की बात सामने आई। सूचना मिलने पर AIMIM की दिल्ली टीम भी वहां पहुंची।
शोएब जमई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा कि पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के निर्देश पर सूचना मिलते ही उनकी टीम शालीमार बाग पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन उन्हें मस्जिद के इमाम से मिलने नहीं दे रहा था।
अपने बयान में जमई ने सवाल उठाया कि पुलिस और प्रशासन उन्हें इमाम से मिलने से क्यों रोक रहे हैं। उनके पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया था, जिसमें वह कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति व्यक्त करते नजर आए।
पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर @asadowaisi साहब के निर्देश पर
— Dr. Shoaib Jamai (@shoaibJamei) September 22, 2026
आज देर रात सूचना मिलते ही AIMIM दिल्ली की टीम शालीमार बाग़ इलाके में पहुंच चुकी है जहां एक मस्जिद पर बुलडोजर चलाया जा रहा था.
पुलिस प्रशासन हमें किसके इशारे पर मस्जिद के इमाम से मिलने नहीं दे रही है. pic.twitter.com/3AeXMGGiec
शोएब जमई ने धार्मिक किताबें निकालने की अनुमति मांगी
वीडियो में शोएब जमई ने दावा किया कि रात में मस्जिद पर बुलडोजर चलाया गया और पर्याप्त मोहलत नहीं दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं पूरी मस्जिद को न तोड़ दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी के लोग डर में हैं और आसपास के करीब 100 से 200 मीटर के क्षेत्र में लोगों को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जमई के मुताबिक, मस्जिद के इमाम को भी वहां जाने से रोका जा रहा था।
अपने बयान में उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इमाम को मस्जिद के अंदर जाने दिया जाए और वहां मौजूद कुरान समेत धार्मिक किताबों को बाहर निकालने की अनुमति दी जाए। उन्होंने इस दौरान अधिकारियों की संवैधानिक जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
शोएब जमई ने कार्रवाई को बताया 'सहारनपुर पार्ट-2'
AIMIM दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने शालीमार बाग की कार्रवाई को 'सहारनपुर पार्ट-2' कहा। यह टिप्पणी उन्होंने अपने वीडियो संदेश में की। उन्होंने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
हालांकि, उपलब्ध संदर्भ सामग्री में इस तुलना के संबंध में प्रशासन या अन्य संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस टिप्पणी को शोएब जमई के आरोप और राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जा सकता है।
जामा मस्जिद के आसपास भी हुई थी बुलडोजर कार्रवाई
संदर्भ सामग्री में दिल्ली की जामा मस्जिद के आसपास हाल ही में हुई एक अन्य बुलडोजर कार्रवाई का भी उल्लेख है। इसमें पार्कों में बनाई गईं अवैध दुकानों को हटाए जाने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, जामा मस्जिद क्षेत्र की कार्रवाई और शालीमार बाग की मदीना मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बीच किसी प्रत्यक्ष प्रशासनिक या कानूनी संबंध की जानकारी संदर्भ सामग्री में नहीं दी गई है।
दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक
मस्जिदों और मदरसों से संबंधित बुलडोजर कार्रवाइयों के मुद्दे पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की दिल्ली में एक बड़ी बैठक बुलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बैठक मौलाना महमूद मदनी ने बुलाई है।
संदर्भ के अनुसार, संगठन मस्जिदों और मदरसों पर हो रही कार्रवाइयों को लेकर नाराज है। बैठक में कानूनी लड़ाई के अलावा अन्य विकल्पों पर चर्चा और आगे की रणनीति का रोडमैप रखे जाने की बात कही गई है।
बैठक में क्या निर्णय लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी संदर्भ सामग्री में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसके संभावित फैसलों के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।













