उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अंकिता के माता-पिता ने नई दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देकर बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध किया। उनका आरोप है कि हत्याकांड में जिस कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे, उसका संबंध दुष्यंत गौतम से है। हालांकि, गौतम ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई भी की है। बुधवार देर शाम करीब 7:30 बजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। दोनों ने परिवार को न्याय की लड़ाई में सहयोग का भरोसा दिया। बाद में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, हालांकि अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि चार साल बीतने के बावजूद अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला है। इस पूरे विवाद के केंद्र में हत्याकांड से जुड़ा कथित VIP, सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवाल हैं।
कैसे वायरल ऑडियो से दुष्यंत गौतम का नाम जुड़ा?
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा विवाद दिसंबर 2025 में उस समय फिर चर्चा में आया, जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर मामले से संबंधित एक वीडियो पोस्ट किया। उर्मिला ने खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताया था। वायरल ऑडियो और वीडियो क्लिप में अंकिता हत्याकांड में एक कथित VIP की संलिप्तता का दावा किया गया। उर्मिला सनावर की ओर से साझा की गई कथित बातचीत में दावा किया गया कि अंकिता की हत्या के पीछे 'VIP गट्टू' की भूमिका थी। इन चर्चाओं में इस नाम को बीजेपी के तत्कालीन उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम से जोड़कर पेश किया गया। रिकॉर्डिंग में यह भी दावा किया गया कि कथित VIP ने अंकिता से अतिरिक्त सेवाओं की मांग की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। ये दावे वायरल क्लिप और उससे जुड़ी चर्चाओं का हिस्सा हैं। इन्हें अदालत में प्रमाणित तथ्य के रूप में स्थापित किए जाने की जानकारी इस सामग्री में नहीं दी गई है।
दुष्यंत गौतम ने आरोपों के खिलाफ क्या कदम उठाए?
वायरल रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद सुरेश राठौर ने मीडिया के सामने आकर ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे एआई से तैयार किया गया बताया। दुष्यंत गौतम ने भी आरोपों को गलत बताते हुए 5 जनवरी 2026 को देहरादून के डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके दो दिन बाद, 7 जनवरी को उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले में उन्होंने उर्मिला सनावर, सुरेश राठौर, कांग्रेस के संबंधित पदाधिकारियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ राहत की मांग की। गौतम का कानूनी कदम वायरल रिकॉर्डिंग और उससे जुड़े आरोपों के खिलाफ था। दूसरी ओर, अंकिता के माता-पिता कथित VIP एंगल की जांच की मांग करते हुए उनकी राज्यपाल पद पर नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।
अंकिता के माता-पिता क्यों कर रहे हैं नियुक्ति का विरोध?
अंकिता के परिजनों का दावा है कि हत्याकांड में जिस VIP का उल्लेख सामने आया था, उसकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। उनका विरोध दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने से जुड़ा है। परिवार चाहता है कि कथित VIP एंगल की सीबीआई जांच होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। सितंबर 2022 में अंकिता की हत्या के समय दुष्यंत गौतम बीजेपी के उत्तराखंड प्रभारी थे। इसी राजनीतिक भूमिका और वायरल रिकॉर्डिंग के बाद उनके नाम को कथित VIP विवाद से जोड़ा गया। हालांकि, किसी कथित संबंध या आरोप को अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
बीजेपी ने जांच को लेकर क्या कहा?
बीजेपी की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने अंकिता भंडारी मामले में हर स्तर पर कदम उठाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की। भट्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरुआत से ही महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को सरकार की प्राथमिकता बताया था। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। उनकी हत्या कथित तौर पर 18 सितंबर 2022 को हुई थी। 24 सितंबर 2022 को उनका शव चीला नहर से बरामद किया गया। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। मौजूदा विवाद इन दोषियों को मिली सजा से अलग, हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका और उससे जुड़े आरोपों की जांच की मांग पर केंद्रित है।













