कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए देश के नागरिकों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। दीपके ने कहा कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए सभी को निशाना बनाया जा रहा है। गुरुवार, 15 अक्टूबर को नेहा बोरा और प्रकाश राज के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रंका को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने के एक दिन बाद हुई। उन्होंने कहा, “CJP और दिल्ली के तमाम युवा सड़कों पर लड़ रहे हैं। उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है। नेहा को घसीटा गया, आयशा को घसीटा गया, विलाज को घसीटा गया, ईशा को घसीटा गया।” उन्होंने सवाल किया कि यह सब किसके लिए किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सिर्फ ज्ञानेश कुमार को बचाना बताया। दीपके ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी तथा अरविंद केजरीवाल को भी हिरासत में लिया गया। उन्होंने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के आह्वान का जिक्र करते हुए रेलवे सेवाएं बंद किए जाने का भी दावा किया और सवाल उठाया कि आखिर यह कदम किसे बचाने के लिए उठाया गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं को जेल
मंगलवार सुबह सौरभ दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे पुलिस बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर पहुंचे थे। वहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पर सरकारी अधिकारी को उसके काम में बाधा डालने समेत कई आरोप लगाए गए। बाद में अदालत ने सौरभ दास और आशुतोष रंका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का ऐलान
दीपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। CJP ने अन्य शहरों में भी इसी समय समानांतर तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की है। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की बात कही है। पुलिस के एक सूत्र के मुताबिक, रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे और बैरिकेडिंग के साथ प्रदर्शनकारियों तथा यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। राजधानी में अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां पहले से तैनात हैं।
पुलिस ने प्रदर्शन के लिए बताए वैकल्पिक स्थल
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के लिए कोई निर्धारित विरोध स्थल नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के तौर पर बाहर रखा गया है। प्रदर्शनकारी आवश्यक अनुमति मिलने के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान या CBD मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं। दीपके ने अपने बयान में नागरिकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना लोकतांत्रिक अधिकार है। CJP का शुक्रवार को दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों में भी तिरंगा मार्च निकालने का कार्यक्रम है।













