कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘तिरंगा मार्च’ के बीच दिल्ली पुलिस ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें पंचकुइंया रोड स्थित एनसीपी प्रवक्ता के घर से बाहर निकलते ही अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 का हवाला दिया। दीपके ने पुलिस से सवाल किया कि जब वह अभी कनॉट प्लेस (सीपी) पहुंचे ही नहीं हैं, तो उन्होंने किस नियम का उल्लंघन किया है। मौके पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। हिरासत में लिए जाने के दौरान दीपके पुलिस से अपने खिलाफ कार्रवाई की वजह पूछते नजर आए। उन्होंने कहा, “मैंने कौन सा उल्लंघन किया है? मैं तो अकेला हूं, बाकी तो मीडियावाले हैं।” उनका कहना था कि पुलिस ने कनॉट प्लेस जाने पर मनाही की बात कही है, लेकिन वह अभी घर से निकले भी नहीं हैं। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है।
शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का था कार्यक्रम
CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लोगों से तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की थी। पार्टी ने इस कार्यक्रम को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च नाम दिया था। इसमें शामिल होने के लिए अभिजीत दीपके पिछले दिनों मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। पार्टी इससे पहले भी इस मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुकी है। बीते 10 अक्टूबर को CJP ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया था, लेकिन जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण लोग वहां नहीं पहुंच सके थे। इन प्रदर्शनों में CJP को कांग्रेस, वामपंथी दलों समेत विपक्ष के अन्य दलों का समर्थन मिल रहा है।
मार्च से कुछ घंटे पहले दीपके को दिया गया था नोटिस
दिल्ली पुलिस ने मार्च आयोजित न करने को लेकर शुक्रवार को ही अभिजीत दीपके को नोटिस थमा दिया था। प्रस्तावित कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले दिल्ली में CJP के संस्थापक के आवास पर 20 से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने के संबंध में नोटिस दिया था। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस में कनॉट प्लेस में निषेधाज्ञा लागू होने का उल्लेख किया गया था। इसके अलावा, पुलिस ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बाजारों, अस्पतालों और अहम सरकारी इमारतों की मौजूदगी का हवाला दिया। अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि प्रदर्शन के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसी आधार पर मार्च को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
एनडीएमसी ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए बंद किया सेंट्रल पार्क
CJP के मार्च के लिए सेंट्रल पार्क को चुना गया था, लेकिन नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को पार्क बंद रखने का फैसला किया। ऐसे में पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रम के बीच पार्क में प्रवेश को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई।
इधर, किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियों को तैनात किया। अभिजीत दीपके को नोटिस कनॉट प्लेस थाने के थाना प्रभारी (SHO) की ओर से जारी किया गया था।













