कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP का दावा है कि पुलिस दीपके को किसी अज्ञात जगह पर ले गई है और अब उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है और पुलिस अभिजीत दीपके को कहां ले गई है, इसका जवाब उसे देना चाहिए। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस मामले को उठाते हुए लिखा कि दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है। CJP के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद से उनका संपर्क टूट गया है और उन्हें वकीलों से बातचीत करने से भी रोका जा रहा है। पार्टी ने पुलिस से दीपके के बारे में जानकारी देने की मांग की है।
संविधान से मिले अधिकार और सुरक्षा पाने का हक: CJP
अभिजीत दीपके की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। पार्टी ने पूछा कि युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है, जबकि वे भी देश के समान नागरिक हैं और संविधान से मिले अधिकारों तथा सुरक्षा के हकदार हैं। CJP ने अपने बयान में कहा, "यह सरकार युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव क्यों कर रही है? हम भारत के समान नागरिक हैं और हमें संविधान द्वारा दिए गए सभी अधिकार और सुरक्षा पाने का हक है। दिल्ली पुलिस अभिजीत को कहां ले गई है? आपको हमें जवाब देना होगा। अभिजीत तो बस अपने हाथ में तिरंगा लेकर घर से बाहर निकल रहे थे। तिरंगा लेकर चलना कोई अपराध कैसे हो सकता है?" पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस से स्पष्ट जवाब मांगा है। उसका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्वक चल रहे व्यक्ति को हिरासत में लेने और उसके बारे में जानकारी नहीं देने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले पुलिस ने दीपके को लिया हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले ही एहतियातन हिरासत में ले लिया था। पार्टी के मुताबिक, दीपके राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे थे। CJP का कहना है कि यह कार्रवाई उस समय की गई, जब दीपके एनसीपी (SP) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास के बाहर अकेले पैदल जा रहे थे। पार्टी ने दावा किया कि उस समय उनके साथ कोई भीड़ नहीं थी और न ही वे किसी तरह का प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम को लेकर पार्टी ने सवाल उठाया कि जब कोई व्यक्ति अकेले राष्ट्रीय ध्वज लेकर जा रहा हो और उसके साथ प्रदर्शनकारियों की भीड़ भी न हो, तब उसे रोकने की जरूरत क्यों पड़ी। CJP के अनुसार, दीपके का उद्देश्य शांतिपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराना था।
CJP ने पहले ही बड़ी भीड़ नहीं जुटाने की अपील की थी
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि उसने अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से पहले ही अपील की थी कि वे कनॉट प्लेस में किसी भी तरह की बड़ी भीड़ इकट्ठा न करें। पार्टी की ओर से लोगों को छोटे-छोटे समूहों में शांतिपूर्वक आगे आने, हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर एक तस्वीर खिंचवाने और बिना नारेबाजी या हंगामे के वहां से लौट जाने को कहा गया था। पार्टी के मुताबिक, इस अपील का मकसद बिना किसी शोर-शराबे या व्यवधान के अपनी बात रखना था। CJP का दावा है कि उसने लोगों से किसी बड़े प्रदर्शन में शामिल होने के बजाय सीमित संख्या में आने और शांतिपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर वापस चले जाने को कहा था। इसके बावजूद, पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बना दिया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई। CJP के अनुसार, इसी दौरान अकेले पैदल जा रहे अभिजीत दीपके को भी हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उसने पहले ही बड़ी भीड़ इकट्ठा न करने की अपील की थी, तब भी पुलिस ने दीपके को आगे बढ़ने से रोक दिया।
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के अनुसार, जब पुलिसकर्मियों ने अभिजीत दीपके का रास्ता रोका, तो उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी ने उनके हवाले से कहा कि दीपके ने पुलिस से पूछा कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है, जबकि वे बिल्कुल अकेले चल रहे थे और उनके साथ कोई भीड़ नहीं थी। CJP के मुताबिक, दीपके ने कहा, "आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? मैं बिल्कुल अकेला चल रहा हूं। मेरे साथ कोई भीड़ नहीं है। क्या इस देश में तिरंगा लहराना अपराध हो गया है? हमने आधिकारिक तौर पर अपने लोगों से अपील की थी कि वे छोटे समूहों में आएं, तिरंगे के साथ एक साधारण तस्वीर लें और शांतिपूर्वक वापस चले जाएं। इसके बावजूद आप हमें रोक रहे हैं। क्या अब अपने ही देश की राजधानी में राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलना भी अपराध माना जाएगा?" पार्टी ने दीपके के एक अन्य बयान का भी जिक्र किया। CJP के अनुसार, उन्होंने पुलिस से कहा कि अगर अपने देश का तिरंगा हाथ में लेना अपराध है, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाए। दीपके ने तिरंगे के प्रति प्रेम को कानूनों का उल्लंघन मानने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "अगर अपने देश का तिरंगा हाथ में लेना अपराध है, तो मुझे जेल में डाल दीजिए। अगर तिरंगे से प्यार करना आपके कानूनों का उल्लंघन है, तो आपने इस देश में सामान्य देशभक्ति को भी अपराध बना दिया है।" इन बयानों के जरिए दीपके ने अपनी हिरासत पर आपत्ति जताई। हालांकि, इस घटनाक्रम से जुड़े आरोप और पुलिस कार्रवाई को लेकर पार्टी की ओर से सामने रखे गए दावों को CJP के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक भावनाओं को दबाने का प्रयास: CJP
कॉकरोच जनता पार्टी ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इस कार्रवाई को आम नागरिकों की लोकतांत्रिक भावनाओं को दबाने का प्रयास बताया। CJP का कहना है कि जब नागरिकों को एकत्र होकर अपनी बात रखने से रोका गया, तब उन्होंने लोकतंत्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए शांतिपूर्ण तरीका चुना। पार्टी के अनुसार, छोटे समूहों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर खड़े होना, एक तस्वीर खिंचवाना और बिना किसी व्यवधान के वहां से लौट जाना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा नहीं होना चाहिए। CJP का दावा है कि उसने अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को किसी भी तरह की अव्यवस्था पैदा करने के बजाय शांतिपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सलाह दी थी। इसी आधार पर पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश करने वाले नागरिकों को रोकना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। CJP ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ शांतिपूर्ण तरीके से खड़े होने और अपनी भावना व्यक्त करने को गलत नहीं माना जाना चाहिए।
'आम नागरिकों के हाथों में तिरंगे की ताकत से प्रशासन को डर'
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके को केवल इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वे राष्ट्रीय ध्वज लेकर निर्धारित स्थान की ओर जा रहे थे। पार्टी का कहना है कि इस कार्रवाई से यह सवाल उठता है कि प्रशासन को आखिर किस बात की आशंका थी, जबकि उसके मुताबिक दीपके अकेले पैदल जा रहे थे और किसी तरह की भीड़ या प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे। CJP ने दावा किया कि यह कार्रवाई किसी संभावित अव्यवस्था के बजाय आम नागरिकों के हाथों में तिरंगे की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ताकत से प्रशासन के डर को दर्शाती है। यह पार्टी का आरोप है, जिसके जरिए उसने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी ताकत नागरिकों के मन में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को दबा नहीं सकती। इसके साथ ही CJP ने चुनावी न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उठाई जाने वाली आवाज को खामोश नहीं किए जाने की बात कही। अभिजीत दीपके की हिरासत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी लगातार पुलिस से यह बताने की मांग कर रही है कि उन्हें कहां ले जाया गया है। पार्टी ने उनसे संपर्क टूटने और वकीलों से बात नहीं करने दिए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से जवाब मांगा है। इस पूरे मामले में CJP ने दीपके की हिरासत को शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लेकर आगे बढ़ने से जोड़ते हुए इसे नागरिकों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताया है।













