दिल्ली में प्रदर्शन के लिए पहुंचे कॉकरोच जानता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके को विमान के अंदर हिरासत में लेने पहुंची पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद एयर इंडिया ने ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से स्पष्टीकरण मांगा है। एयरलाइन जानना चाहती है कि पुलिस को विमान के अंदर प्रवेश की अनुमति कैसे मिली और यदि ऐसी कार्रवाई जरूरी थी, तो संबंधित एयरलाइन को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। विमान के अंदर पुलिस की कार्रवाई को लेकर कानूनी अधिकारों और विमानन सुरक्षा नियमों पर बहस शुरू हो गई है। एक तरफ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत उन्हें कार्रवाई करने का अधिकार है, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल उठ रहा है कि विमान के भीतर प्रवेश और गिरफ्तारी के लिए किन नियमों का पालन करना जरूरी है।
अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर कार्रवाई पर उठाए सवाल
विमान के अंदर पुलिस के पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को तानाशाही बताया और इसकी तुलना आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के शासन में हुई कार्रवाई से की। घटना के बाद मुख्य सवाल यह है कि क्या पुलिस किसी यात्री को हिरासत में लेने के लिए विमान के अंदर जा सकती है और इस तरह की कार्रवाई के लिए विमानन सुरक्षा से जुड़े कौन-से नियम लागू होते हैं। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने इसी मुद्दे पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से जवाब मांगा है। एयरलाइन ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि पुलिस को विमान के भीतर प्रवेश की अनुमति किस आधार पर दी गई। साथ ही, यदि पुलिस की कार्रवाई आवश्यक थी, तो संबंधित एयरलाइन को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।
पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई करने का दिया तर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भारत की सीमा के भीतर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने का अधिकार पुलिस के पास है। उनके अनुसार, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है। पुलिस की ओर से यह तर्क भी दिया गया कि जिस तरह किसी अपराध के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ट्रेन में प्रवेश कर सकती है, उसी तरह विमान भी परिवहन का एक साधन है। अधिकारियों का कहना है कि विमान के भीतर जाकर गिरफ्तारी करने पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, विमान के अंदर प्रवेश की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई के समय को लेकर अलग-अलग नियमों का सवाल इस मामले में महत्वपूर्ण हो गया है। एयर इंडिया की ओर से सुरक्षा एजेंसी से जवाब मांगे जाने के बाद यह जानना जरूरी है कि विमानन सुरक्षा नियम इस तरह की स्थिति में क्या प्रावधान करते हैं।
एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स 2023 में क्या प्रावधान है?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स 2023 बनाए गए हैं। इन नियमों के नियम 22 में एयरोड्रोम में प्रवेश से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख है। इसके तहत विजिटर्स पास या ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के महानिदेशक अथवा केंद्र सरकार की अनुमति के आधार पर ही प्रवेश दिया जा सकता है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट में प्रवेश के लिए पुलिस अधिकारियों को विशेष पास जारी किए गए थे। हालांकि, एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति और विमान के अंदर प्रवेश करने की स्थिति को लेकर सवाल अलग-अलग हैं। इसीलिए यह मामला केवल पुलिस की गिरफ्तारी की शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि विमानन सुरक्षा से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं से भी जुड़ा है।
विमान के दरवाजे बंद होने पर किसके पास होते हैं सबसे ज्यादा अधिकार?
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दरवाजे बंद होने से लेकर दोबारा खुलने तक विमान के कमांडिंग पायलट के पास सबसे अधिक अधिकार होते हैं। दरवाजे खुलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां विमान के भीतर प्रवेश कर सकती हैं। इस प्रावधान के कारण विमान के दरवाजे बंद होने और खुलने के समय को लेकर भी चर्चा हो रही है। किसी विमान में पुलिस की कार्रवाई के दौरान यह समझना महत्वपूर्ण है कि उस समय विमान की स्थिति क्या थी और सुरक्षा एजेंसियों को किस आधार पर अंदर जाने की अनुमति मिली। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अभिजीत दीपके वाले मामले में विमान के दरवाजे किस स्थिति में थे या पुलिस को विमान के भीतर प्रवेश की अनुमति किस अधिकारी ने दी थी। एयर इंडिया ने बीसीएएस से जवाब मांगकर इसी प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण चाहा है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसी की ओर से दिए गए जवाब की जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
महिला पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में लेने पर भी सवाल
इस घटना में अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भेजे जाने पर भी सवाल उठाए गए। इस मुद्दे पर एक अधिकारी ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में पुलिस अधिकारियों के अधिकारों को पुरुष और महिला के आधार पर सामान्य रूप से अलग-अलग नहीं किया गया है। अधिकारी के मुताबिक, पुरुष और महिला पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकते हैं। हालांकि, अधिकारी ने एक अपवाद का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, दहेज हत्या जैसे मामले में पुरुष आरोपी को महिला अधिकारी द्वारा गिरफ्तार किए जाने को लेकर प्रतिबंध लागू हो सकता है। इस बयान के जरिए अधिकारी ने यह तर्क दिया कि गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मी का पुरुष या महिला होना अपने आप में हर मामले में कार्रवाई को अवैध नहीं बनाता। इस तरह, अभिजीत दीपके की हिरासत का मामला विमान के भीतर पुलिस के प्रवेश, विमानन सुरक्षा नियमों, गिरफ्तारी के कानूनी अधिकारों और महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका जैसे कई सवालों से जुड़ गया है। एयर इंडिया ने बीसीएएस से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा एजेंसी का जवाब या इस घटना पर उसका आधिकारिक निष्कर्ष शामिल नहीं है।














