पटना के चर्चित खान कोचिंग सेंटर से जुड़े फायरिंग विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। इस मामले में लगातार नए मोड़ सामने आ रहे हैं। पुलिस ने इस केस में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार किया है, जबकि खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्ड भी हिरासत में लिए जा चुके हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस ने कोचिंग संचालक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है और खान सर पर सीधे तौर पर निशाना साधा है।
तेज प्रताप यादव का बयान: “जलन और दिखावे की राजनीति कर रहे हैं”
तेज प्रताप यादव ने इस पूरे मामले पर तीखा बयान देते हुए कहा कि खान सर इस विवाद के जरिए सुर्खियों में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस आधार के लोगों पर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं और यह पूरा मामला एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है।
तेज प्रताप ने कहा कि जिस तरह रौशन आनंद की सफलता सामने आ रही है, उससे कुछ लोगों में असहजता साफ दिख रही है। उन्होंने कहा, “ये जलनदहा आदमी हैं, इन्हें पढ़ाने से कोई मतलब नहीं है, सिर्फ फोटो खिंचवाने और मीडिया में बने रहने की इच्छा रखते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि एक असली शिक्षक हमेशा शांत रहकर शिक्षा देता है और उसका उद्देश्य केवल ज्ञान बांटना होता है, न कि मीडिया में छाना या राजनीति करना। तेज प्रताप के अनुसार खान सर शिक्षा के बजाय राजनीतिक और प्रचार की गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय दिखते हैं।
पहले भी सरकार पर उठा चुके हैं सवाल
इससे पहले भी तेज प्रताप यादव ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और प्रशासन कई मामलों में मूकदर्शक बना हुआ है।
गुरुवार को उन्होंने कहा था कि अगर सरकार समय रहते सख्त कदम नहीं उठाती तो ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती रहेंगी। उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो आम लोगों से लेकर बड़े व्यक्तियों तक कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी और यहां तक कहा था कि अगर व्यवस्था संभल नहीं रही तो जिम्मेदार लोगों को पद छोड़ देना चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच तेज
फायरिंग मामले में पटना पुलिस ने जांच को तेज करते हुए खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनसे जुड़े हथियार भी जब्त कर लिए गए हैं, जिन्हें अब फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा ताकि तकनीकी जांच की जा सके।
पुलिस का कहना है कि सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद खान सर की भूमिका को लेकर भी जांच तेज हो गई है और उनकी गिरफ्तारी की संभावना को लेकर छापेमारी की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
छात्रों का विरोध और समर्थन में बयानबाजी
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद में छात्रों का एक अलग रुख भी सामने आया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि रौशन आनंद को बिना किसी ठोस कारण के फंसाया गया है और यह पूरा मामला गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि यह विवाद कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा और तनाव का परिणाम है।
कुछ छात्रों ने यहां तक दावा किया कि ज्ञान बिंदु कोचिंग की बढ़ती लोकप्रियता से कुछ लोग असहज हैं और इसी वजह से संस्थान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, कोचिंग से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि विवाद की शुरुआत एक पोस्टर को लेकर हुई थी, जिसके बाद मामला धीरे-धीरे बढ़ता गया और अब यह गंभीर स्थिति में पहुंच गया है।













