टना के चर्चित शिक्षक खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई शैक्षणिक पहल या वीडियो नहीं बल्कि उनके कोचिंग संस्थान से जुड़ा विवाद है। मुसल्लहपुर स्थित उनके कोचिंग सेंटर में 2 जून को हुए हंगामे और फायरिंग प्रकरण के बाद दर्ज एफआईआर ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। घटना के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर खान सर कहां हैं? पुलिस और आम लोगों की निगाहें उन पर टिकी हुई हैं, लेकिन अब तक वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
मामले में खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैजल खान बताया जाता है, के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर हत्या के प्रयास, फायरिंग करवाने और आर्म्स एक्ट के तहत गैर-जमानती आरोप लगाए गए हैं। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद से वे पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फिलहाल वे सार्वजनिक गतिविधियों से दूर हैं और उनका वर्तमान ठिकाना स्पष्ट नहीं है।
सहयोग का वादा किया, लेकिन अब नहीं मिल रहे
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे चर्चित बात यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया में खान सर ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है तो वे जांच एजेंसियों का पूरा साथ देंगे। उस वक्त उनके इस बयान को लेकर काफी चर्चा भी हुई थी।
लेकिन समय बीतने के साथ तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है। पुलिस उन्हें तलाश रही है, जबकि वे अब तक न तो जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए हैं और न ही किसी कानूनी प्रक्रिया में व्यक्तिगत रूप से शामिल होते नजर आए हैं। इससे मामले को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
कोर्ट में सरेंडर की चर्चा रही, लेकिन नहीं पहुंचे
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार खान सर के पास गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत लेने का विकल्प मौजूद है। इसी बीच शनिवार को यह खबर तेजी से फैली कि वे पटना सिविल कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर सकते हैं। कोर्ट परिसर में भी इसको लेकर काफी चर्चा रही और कई लोगों की निगाहें संभावित पेशी पर टिकी थीं।
हालांकि दिन भर की अटकलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि खान सर कोर्ट नहीं पहुंचे। न तो उन्होंने सरेंडर किया और न ही उनकी ओर से उसी दिन अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जा सकी। बाद में उनके वकील की तरफ से जानकारी दी गई कि फिलहाल आत्मसमर्पण की कोई योजना नहीं है और सोमवार या मंगलवार को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया जा सकता है।
कुछ दिन पहले पुलिस की जमकर की थी सराहना
दिलचस्प बात यह भी है कि 3 जून को खान सर ने पटना पुलिस की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि उनके कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की, वह सराहनीय है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की भी तारीफ करते हुए कहा था कि दोषियों को जल्द पकड़ने का प्रयास किया गया।
उस समय खान सर पुलिस की सक्रियता की सराहना कर रहे थे, लेकिन अब जब जांच का दायरा उन तक पहुंचा है तो उनके सामने नहीं आने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यही वजह है कि मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
2 जून की घटना में दर्ज हुई हैं दो अलग-अलग एफआईआर
बताया जा रहा है कि 2 जून को मुसल्लहपुर स्थित खान कोचिंग सेंटर के बाहर पथराव, मारपीट और फायरिंग की घटनाओं के बाद कदमकुआं थाना पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। पहली एफआईआर में प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े कुछ लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के संचालक रौशन आनंद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
वहीं दूसरी प्राथमिकी सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर दर्ज की गई। वीडियो में कथित तौर पर खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्ड हथियारों के साथ दिखाई दिए थे। जांच के दौरान दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और उनके कब्जे से बरामद राइफलों को भी जब्त कर लिया गया।
गार्डों की फायरिंग से जुड़ा है खान सर का नाम
पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार खान सर पर यह दावा किया गया है कि उनके निर्देश पर ही सुरक्षा गार्डों ने फायरिंग की थी। इसी आधार पर उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में खान सर अदालत का रुख करते हैं या पुलिस जांच में सीधे शामिल होकर अपना पक्ष रखते हैं। तब तक उनके ठिकाने और अगली कानूनी रणनीति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।














