पटना। चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर (फैजल खान) को फिलहाल अदालत से कोई बड़ी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। 2 जून को ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच हुए विवाद तथा मारपीट के मामले में कार्रवाई जारी है। इस प्रकरण में ज्ञान बिंदु के संचालक रोशन आनंद को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं, खान सर की सुरक्षा में तैनात दो गार्ड भी जेल भेजे गए हैं। घटना के दौरान इस्तेमाल की गई राइफलों से कथित फायरिंग को लेकर भी जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
हालांकि अदालत ने फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है, लेकिन उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम राहत अभी नहीं मिली है। इस मामले में उन्हें पटना सिविल कोर्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है और अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 जुलाई निर्धारित की है। इसी बीच इस पूरे विवाद ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है, क्योंकि पटना हाई कोर्ट में खान सर समेत कुछ कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की गई है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य ने दायर की जनहित याचिका
30 जून को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य एवं अधिवक्ता डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने पटना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार में कई निजी कोचिंग संस्थान सरकारी नियमों और निर्धारित मानकों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं। इसमें दावा किया गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। याचिका में पटना स्थित फैजल खान उर्फ खान सर द्वारा संचालित खान ग्लोबल स्टडीज का भी उल्लेख किया गया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य में अनेक कोचिंग संस्थान आवश्यक मानकों की अनदेखी करते हुए संचालन कर रहे हैं, जिससे छात्रों के हितों के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने अदालत से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
फर्जी गोलीबारी मामले में भी दर्ज है एफआईआर
याचिका में हाल ही में ज्ञान बिंदु कोचिंग और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच हुए विवाद का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि दोनों संस्थानों के बीच शुरू हुए विवाद के बाद ज्ञान बिंदु के संचालक रोशन आनंद को जेल जाना पड़ा। इसके अलावा उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हत्या होने का भी उल्लेख किया गया है। रोशन आनंद ने इस हत्या के लिए सार्वजनिक रूप से खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान पर आरोप लगाए हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कथित फर्जी गोलीबारी के मामले में पटना पुलिस ने फैजल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि बिहार के कई कोचिंग संस्थान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और बिहार सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता ने इसे राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया है।
जल्द हाई कोर्ट में हो सकती है सुनवाई
अधिवक्ता डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने बताया कि 30 जून को दाखिल की गई इस जनहित याचिका को 1 जुलाई को टोकन नंबर मिलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिसके बाद इस पर शीघ्र सुनवाई होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि खान ग्लोबल स्टडीज, खान जीएस रिसर्च सेंटर सहित कई ऐसे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है, जिन पर सरकारी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए संचालन करने के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे संस्थान छात्रों का आर्थिक और शैक्षणिक स्तर पर शोषण कर रहे हैं तथा शिक्षा के मूल उद्देश्य और गुरु-शिष्य परंपरा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से इन कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।













