पटना। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस एनकाउंटर के दौरान मारे गए भरत तिवारी के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उनका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है और इस पूरे प्रकरण में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
चिराग पासवान ने इस मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अपराध चाहे किसी भी व्यक्ति द्वारा किया गया हो, वह अपराध ही माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर इस तरह के मामलों को मोड़ देना गलत है और कुछ लोग इस तरह के मुद्दों का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं, जिसका वे समर्थन नहीं करते। उनके अनुसार, कानून सभी के लिए समान है और किसी भी दोषी को उसके किए की सजा मिलनी ही चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जिस व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, उसे न्याय मिलना आवश्यक है, और साथ ही जिसने भी गलत किया है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वे स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही परिवार से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। चिराग पासवान ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अमित शाह से मुलाकात कर रखी थी पूरी जानकारी
इससे पहले चिराग पासवान ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उन्हें बिहार में हाल ही में हुई घटनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए बताया था कि उन्होंने बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की हत्या और आरा में पुलिस एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी की मौत से जुड़े मामलों पर चर्चा की।
चिराग पासवान ने गृह मंत्री से दोनों घटनाओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी निर्दोष को अन्याय का सामना न करना पड़े।
एनकाउंटर पर उठाए गंभीर सवाल
बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जानी चाहिए, जिसमें यह भी शामिल है कि हथियार कहां से आया और घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। उन्होंने कहा कि यह सभी बातें जांच का विषय हैं, लेकिन जिस तरह से गोली चलाई गई और कथित रूप से आत्मसमर्पण करने के बाद भी कार्रवाई हुई, वह गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो उसके बाद की गई कार्रवाई पर निश्चित रूप से सवाल उठते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चिराग पासवान ने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह का राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, बल्कि केवल यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और पूरे मामले की सच्चाई सामने आए।














