पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद एक दिलचस्प बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह आज होने वाले MI vs RR मैच में मुंबई इंडियंस का समर्थन करेंगे। अय्यर का यह बयान तब आया जब पंजाब ने एक बेहद अहम मुकाबले में शानदार जीत हासिल कर प्लेऑफ की दौड़ में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं।
मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स के सामने 197 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा था। जवाब में पंजाब ने यह लक्ष्य आखिरी गेंद तक चले रोमांच के बाद हासिल किया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार शतक जड़ते हुए टीम को जीत दिलाई और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। इस जीत के साथ पंजाब किंग्स प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है, और अगर आज मुंबई इंडियंस राजस्थान रॉयल्स को हराती है तो PBKS के लिए अंतिम प्लेऑफ टिकट की राह और आसान हो सकती है।
मैच के बाद अय्यर ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “सच बताऊं तो मैं बहुत खुश हूं। यह इस सीजन का मेरा पहला शतक है और यह बिल्कुल सही समय पर आया जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। लगातार छह हार के बाद यह जीत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि कल मैं मुंबई इंडियंस को सपोर्ट करूंगा।”
उन्होंने गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ की। अय्यर ने कहा कि शुरुआती ओवर में रन लीक होने के बावजूद गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। उन्होंने विशेष रूप से अज़मतुल्लाह की गेंदबाजी की सराहना की, जिन्होंने पहले ही ओवर में विकेट लेकर दबाव कम किया और विपक्षी टीम को सीमित स्कोर पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुसार गेंदबाजों ने मिलकर लगभग 23 से 26 रन प्रति चार ओवर के बीच रन रोके, जो मैच में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इसके अलावा उन्होंने युजवेंद्र चहल की भी तारीफ की, जिन्होंने महत्वपूर्ण विकेट निकालकर मैच का रुख बदल दिया। अय्यर ने कहा कि भले ही पिछले मैच में चहल को ज्यादा रन पड़े हों, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने शानदार वापसी कर अपना चरित्र दिखाया। दबाव में इस तरह प्रदर्शन करना टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण था और इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा।
अपनी बल्लेबाजी पर बात करते हुए अय्यर ने कहा कि उन्होंने पिच को समझकर धैर्य के साथ खेलना चुना। उनका मानना था कि अगर वह खुद को समय देंगे और गेंद को अच्छे से देखेंगे, तो रन अपने आप बनेंगे। उन्होंने बताया कि उनका फोकस क्रीज पर टिके रहने पर था, जिससे लगातार साझेदारियां बनीं और टीम को लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिली।
उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी प्रभसिमरन की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने बेहतरीन तरीके से बल्लेबाजी की। अय्यर ने कहा कि साझेदारी के दौरान दोनों के बीच अच्छा तालमेल था और संवाद लगातार बना रहा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शॉट्स और साझेदारियां मैच को पूरी तरह बदल देती हैं और टीम को मजबूती देती हैं।
मैच जीतने के बाद अय्यर ने इसे अपने करियर के खास पलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि शतक के साथ मैच खत्म करना एक अवास्तविक अनुभव होता है, जिसका सपना हर बल्लेबाज देखता है। उन्होंने बताया कि उस समय वह बेहतरीन मानसिक स्थिति में थे और उन्हें पिच की पूरी समझ थी। सही समय पर सही फैसले लेने से उन्हें रन बनाने और टीम को जीत दिलाने में मदद मिली।
टीम रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि इस मैच से पहले ज्यादा चर्चा या मीटिंग नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि टीम ने चीजों को सरल रखा और खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालने से बचा गया। अय्यर ने कहा कि ज्यादा विश्लेषण करने से खिलाड़ी पिछली हारों में उलझ सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि उन्हें स्वतंत्र रूप से खेलने दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कोच रिकी पोंटिंग के साथ मिलकर तय किया कि बस मैदान पर जाकर अपने नियमित रूटीन और रिचुअल्स पर भरोसा करना है, और इसी सोच ने टीम को सकारात्मक परिणाम दिलाया।














