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फीफा विश्व कप 2026: टिकटों की आसमान छूती कीमतें जांच के घेरे में, बढ़ा विवाद

फीफा विश्व कप 2026 के टिकटों की बढ़ती कीमतों और बिक्री प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच शुरू हो गई है। जानें क्या है पूरा विवाद और क्यों फंस गया फीफा आलोचनाओं में।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 28 May 2026 8:39:35

फीफा विश्व कप 2026: टिकटों की आसमान छूती कीमतें जांच के घेरे में, बढ़ा विवाद

फीफा विश्व कप 2026 के टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और बिक्री प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अब गंभीर जांच शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टिकटों के दामों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी और विवादित बिक्री प्रणाली ने फैंस के बीच नाराजगी बढ़ा दी है, जिसके चलते कई दर्शकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें ऐसे टिकट विकल्प चुनने के लिए मजबूर किया गया जो उनकी पसंद के नहीं थे।

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले में फीफा की टिकटिंग पॉलिसी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल्स ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर बताया है कि वे यह जांच कर रहे हैं कि क्या फीफा की टिकट बिक्री प्रक्रिया ने उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किया है। खास बात यह है कि इन्हीं दोनों राज्यों में विश्व कप 2026 के आठ अहम मुकाबले, जिसमें फाइनल भी शामिल है, आयोजित किए जाने हैं।

अधिकारियों ने इस मामले में फीफा को समन जारी करते हुए टिकट आवंटन प्रणाली से जुड़े कई दस्तावेज और जानकारी मांगी है। जांच का एक बड़ा पहलू फीफा की “डायनामिक प्राइसिंग” यानी लचीली मूल्य निर्धारण नीति है, जिसके कारण कई मैचों के टिकटों की कीमतें अचानक कई गुना बढ़ गईं। इसके साथ ही स्टेडियम सीटिंग प्लान में बदलाव को भी जांच के दायरे में रखा गया है, जिसके चलते कई दर्शकों को उनकी निर्धारित सीटों से अलग और अधिक दूर स्थानों पर बैठाया गया।

न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के अभियोजकों ने न्यूयॉर्क सिटी के कंज्यूमर एंड लेबर प्रोटेक्शन विभाग के साथ मिलकर इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू की है। फिलहाल फोकस खास तौर पर न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले जाने वाले मैचों की टिकट बिक्री पर है, जहां फाइनल मुकाबला भी प्रस्तावित है।

न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने इस मुद्दे पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क के लोग लंबे समय से अपने शहर में विश्व कप के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें उचित कीमत पर टिकट मिलने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी भी फैन को सीट के लिए मनमानी कीमत चुकाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और खरीदारों को वही सीट मिलनी चाहिए जो उन्हें टिकट खरीदते समय दिखाई गई थी।

वहीं, न्यू जर्सी की अटॉर्नी जनरल जेनिफर डेवनपोर्ट ने फीफा की टिकटिंग प्रणाली को “अराजकता, कृत्रिम कमी और अत्यधिक कीमतों का जाल” करार दिया। उन्होंने कहा कि विश्व कप की मेजबानी गर्व की बात है, लेकिन इसका इस्तेमाल आम लोगों और दर्शकों से अनुचित लाभ कमाने के लिए नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर, फीफा की ओर से इस जांच पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संस्था की चुप्पी ने भी इस विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

2026 फीफा विश्व कप की शुरुआत 11 जून को मैक्सिको सिटी और ग्वाडालाजारा में होने वाले शुरुआती मुकाबलों के साथ होगी। इसके बाद 13 जून को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में ब्राजील और मोरक्को के बीच पहला मैच खेला जाएगा, जिसकी क्षमता लगभग 82,000 दर्शकों की है।

फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को इसी स्टेडियम में प्रस्तावित है, जहां मौजूदा समय में कुछ टिकटों की कीमत लगभग 33,000 डॉलर तक पहुंच चुकी है, जिसे लेकर भी भारी बहस जारी है।

इस बीच, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने घोषणा की है कि शहर के निवासियों के लिए एक विशेष लॉटरी योजना के तहत 1,000 टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक मैच के लिए करीब 150 टिकट (फाइनल को छोड़कर) सिर्फ 50 डॉलर की कीमत पर वितरित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय फैंस को राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, फीफा पहले ही कुछ सीमित टिकट 60 डॉलर की कीमत पर जारी कर चुका है, जिन्हें भाग लेने वाले देशों के फुटबॉल संघों के माध्यम से वितरित किया गया था।

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