खुद अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा 2018 में बनाये गए जेल मैनयूल के रूल 602 अनुसार कैदी एवं मुलाकाती की मुलाकात शीशे की दीवार के आर पार से होती है।
सचदेवा ने दावा किया कि फेस टू फेस मिलने की सुविधा अरविंद केजरीवाल स्वयं उठा रहे हैं, न्यायालय ने उनको छूट दी है और जो नाम अरविंद केजरीवाल ने दिए हैं, वह उनसे मिल भी रहे हैं और घर का खाना भी खा रहे हैं और जो भी पॉलिटिकल संदेश उन्हें देना होता है, वह अपनी पत्नी के माध्यम से देते हैं। उन्होंने कहा कि जेल में प्रवेश करते समय अरविंद केजरीवाल ने जो 10 मुलाकाती नाम लिखवाए थे, उनमें भगवंत मान और संजय सिंह का नाम ही नहीं था, इसलिए यह मुलाकातें तय होने में समय लगा है और अब जेल मैन्युअल के अनुसार ही कार्यवाही होगी।
संजय सिंह खुद लंबे समय जेल में
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि अरविंद केजरीवाल जेल में कुछ उस तरह की छूट एवं सुविधाएं चाहते हैं, जैसी मनमानी सुविधाओं का आनंद उनके पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन 2022 में उठाते पकड़े गए थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती के दिन राजनीतिक अभियान शुरू करने की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि आप के मंत्री गोपाल राय द्वारा अंबेडकर जयंती के अवसर पर 'संविधान बचाओ' के नाम से जो राजनीतिक अभियान छेड़ने की घोषणा की गई है, वह बहुत ही दुखद और निंदनीय है। दिल्ली एवं देश की जनता अब अरविंद केजरीवाल सरकार की अराजकता को समझ चुकी है और उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।आम आदमी पार्टी अब राजनीतिक रूप से पूरी तरह हताश हो चुकी है और अब देश के गौरव पुरुषों के नामों को भी अपने राजनीतिक विवादों से जोड़ने में भी संकोच नहीं कर रही है।
मंत्री गोपà













