तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में आवाज उठाई है। जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों नेताओं को अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। महुआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि वह दोनों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने देश को गुंडों और लुटेरों से वापस लेने की बात भी कही। यह मामला 13 अक्टूबर 2026 को उस समय सामने आया, जब आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। वहां तिरंगा फहराने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद 14 अक्टूबर की सुबह तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये के बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने के बाद रिहा कर दिया गया।
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
CJP नेताओं को जेल भेजे जाने के बाद महुआ मोइत्रा ने X पर उनके समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “बॉयज मैं आपके साथ हूं। हम इन गुंडों और लुटेरों से इस देश को वापस लेंगे।” महुआ का यह संदेश आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद आया। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना कोई आपराधिक कृत्य नहीं हो सकता। उनकी टिप्पणी का केंद्र दोनों नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और उसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का फैसला रहा।
‘जंतर-मंतर नागरिकों का है’, प्रवेश को लेकर उठाए सवाल
महुआ मोइत्रा ने जंतर-मंतर पर CJP नेताओं के गेट फांदकर पहुंचने और वहां तिरंगा फहराने को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि इसे घुसपैठ क्यों कहा जा रहा है। महुआ के मुताबिक, जंतर-मंतर नागरिकों का है और वहां तिरंगा फहराने की आजादी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास को भी वहां तिरंगा फहराने की स्वतंत्रता है। महुआ की इस टिप्पणी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने और वहां प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद पर उनका रुख सामने आया। हालांकि, संदर्भ सामग्री में पुलिस की ओर से इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट की चुप्पी पर भी महुआ ने उठाया सवाल
महुआ मोइत्रा ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने अपनी एक अन्य पोस्ट में कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट अब भी चुप रहता है, तो वह संविधान की हत्या में शामिल है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत की चुप्पी पर सवाल उठाए।
महुआ ने यह भी दोहराया कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की घटना को आपराधिक कृत्य नहीं माना जाना चाहिए। उनकी टिप्पणियां CJP नेताओं की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के फैसले के विरोध में थीं।
पहले भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुई थीं महुआ
महुआ मोइत्रा का जंतर-मंतर और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर यह पहला बयान नहीं है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 को वह प्रियंका गांधी और अन्य महिला साथियों के साथ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थीं। उस दौरान पुलिस के साथ झड़प में उन्हें चोट लग गई थी। घटना के बाद महुआ ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की थी। वह अपनी चोट दिखाकर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध जताती रही थीं। अब CJP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और आशुतोष रांका तथा सौरव दास के समर्थन में सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। इस मामले में फिलहाल आशुतोष रांका और सौरव दास पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं, जबकि अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया गया है। महुआ मोइत्रा की टिप्पणियों ने इस घटना को लेकर उनका विरोध और CJP नेताओं के प्रति समर्थन स्पष्ट किया है।













