न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

SIR पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग की सफाई, कहा- फैसले सभी की मंजूरी से हुए

SIR पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट के बाद आयोग के सूत्रों ने कहा कि फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 23 Sep 2026 11:24:58

SIR पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग की सफाई, कहा- फैसले सभी की मंजूरी से हुए

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठने के बीच आयोग के सूत्रों ने कहा है कि SIR समेत सभी फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए। यह प्रतिक्रिया इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें चुनाव आयोग के दो सदस्यों की ओर से पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई फैसलों और आदेशों को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और बहाल करने, SIR से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची के सॉफ्टवेयर तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।

10 महीनों में 14 बार आपत्तियां दर्ज होने का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार अपने विरोध या आपत्तियां रिकॉर्ड पर रखीं। इनमें से चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भेजी गई थीं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों को बिना उनकी जानकारी या मंजूरी के लिए जाने पर सवाल उठाए। खास तौर पर SIR, नए मतदाताओं के लिए Form 6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने तथा मतदाता सूची के प्रबंधन से जुड़े मामलों पर आपत्तियां दर्ज की गईं।

Form 6 में बदलाव पर भी उठी आपत्ति

इंडियन एक्सप्रेस की अलग रिपोर्ट के मुताबिक, नए मतदाता के तौर पर पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में SIR से संबंधित एक नया सवाल जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से उसके या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी के पिछले SIR की मतदाता सूची में होने से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, विवेक जोशी ने मई में इस बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी। उनका कहना था कि Form 6 में इस तरह का बदलाव Registration of Electors Rules, 1960 में संशोधन के बिना नहीं किया जा सकता। सुखबीर सिंह संधू ने भी इस पर सहमति जताई थी। बाद में संधू ने 13 अगस्त को इस बदलाव को “अनधिकृत और गैरकानूनी” बताते हुए इसे तत्काल हटाने की बात रिकॉर्ड पर रखी थी।

मतदाता सूची के सॉफ्टवेयर को लेकर भी सवाल

दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों में मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम का मुद्दा भी शामिल था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मतदाता सूची के डेटाबेस के नियंत्रण के धीरे-धीरे दिल्ली में केंद्रीकृत होने पर चिंता जताई।

विवेक जोशी ने मई में मतदाता डेटाबेस की सुरक्षा और उस तक पहुंच को लेकर ऑडिट कराने का सुझाव दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह सुनिश्चित करने की बात कही थी कि मतदाता डेटाबेस में बदलाव करने का अधिकार केवल संबंधित वैधानिक अधिकारियों के पास हो। अगस्त में संधू ने भी कहा था कि कई राज्य स्तरीय चुनाव अधिकारियों ने उन्हें ERONet तक पूरी और उचित पहुंच नहीं होने की जानकारी दी थी।

रिपोर्ट में गोवा का एक मामला भी सामने आया है, जहां 97 मतदाताओं को स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने पात्र पाया था, लेकिन सॉफ्टवेयर में उनकी स्थिति दर्ज नहीं हो सकी और वे अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए।

चुनाव आयोग के फैसलों पर क्या कहती है व्यवस्था

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में 2023 के Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Act की धारा 18 का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक आयोग का काम जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से किया जाना है। अगर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद हो, तो उस मामले का फैसला बहुमत की राय के आधार पर किया जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, संधू और जोशी ने अपने नोट्स में आयोग के कामकाज में मंजूरी और सर्वसम्मति से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया था। दोनों ने यह भी कहा था कि आयोग के नाम से जारी होने वाले संचार के लिए आवश्यक मंजूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी इस मुद्दे पर मीडिया के सामने विस्तार से बात करेंगे। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों को महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी नहीं दी जाती थी और उनसे सलाह नहीं ली जाती थी।

कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में SIR के अलावा Form 6 में बदलाव, नए मतदाताओं के पंजीकरण, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, मतदाता सूची की सुरक्षा और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। पार्टी ने इन आपत्तियों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त के स्तर पर फैसलों के केंद्रीकरण का आरोप लगाया।

सुप्रिया सुले ने भी प्रतिक्रिया दी

NCP (SP) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे चौंकाने वाला बताया और कहा कि हर व्यक्ति के पास एक वोट होता है। उन्होंने संविधान की ओर से बराबरी के अधिकार और इस भरोसे का उल्लेख किया कि देश आगे बढ़ेगा।

इस बीच, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अखबार ने 21 सितंबर को चुनाव आयोग से इन आपत्तियों और उनके समाधान को लेकर सवाल भेजे थे। दोनों चुनाव आयुक्तों से भी पूछा गया था कि क्या उनकी आपत्तियों पर कार्रवाई हुई और क्या 9 सितंबर की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट प्रकाशित होने तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला था।

चुनाव आयोग के सूत्रों की ओर से अब कहा गया है कि SIR समेत आयोग के फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल